उदित वाणी, जमशेदपुर : जमशेदपुर (Jamshedpur) सहित पूरे राज्य में हुए ट्रेज़री घोटाले (Treasury Scam) के बाद विभिन्न सरकारी विभागों के कर्मचारियों का वेतन पिछले करीब तीन माह से अटका हुआ है. इस वित्तीय संकट का सीधा और गंभीर असर अब होमगार्ड जवानों (Home Guard Jawans) पर भी साफ दिखने लगा है. बढ़ती महंगाई के इस दौर में कम वेतन में जैसे-तैसे अपने परिवार का भरण-पोषण करने वाले जवान अब गहरे आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं. लगातार तीन महीने से सैलरी (Salary) नहीं मिलने के कारण उनकी दैनिक परेशानियां बेहद बढ़ गई हैं.
एमजीएम अस्पताल में तैनात जवानों ने बनाई आंदोलन की रणनीति
जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल (MGM Hospital Jamshedpur) में सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात करीब 90 होमगार्ड जवानों की इन गंभीर समस्याओं को लेकर सोमवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. यह बैठक होमगार्ड प्रभारी दिग्विजय पांडेय की अध्यक्षता में संपन्न हुई. बैठक के दौरान पीड़ित जवानों ने अपनी आर्थिक परेशानियों को खुलकर सबके सामने रखा और सामूहिक रूप से आगे के आंदोलन की रणनीति तैयार की.
लोन की किस्त, बच्चों की फीस और राशन का संकट
बैठक में अपनी बात रखते हुए होमगार्ड जवान अखिलेश ओझा और योगेंद्र प्रसाद ने बताया कि सुदूर और दूर-दराज के गांवों से रोजाना ड्यूटी करने शहर आने वाले जवानों को प्रतिदिन 200 रुपये से अधिक का खर्च केवल पेट्रोल पर करना पड़ रहा है. वहीं, जो जवान शहर में किराए पर या अपने घरों में रह रहे हैं, उनके सामने बैंक लोन की किस्त (EMI), बच्चों की स्कूल फीस, घर का राशन और जरूरी दवाइयों जैसे अति-आवश्यक खर्चों को पूरा करने का बड़ा संकट खड़ा हो गया है.
जल्द भुगतान की मांग, डीएसपी से गुहार लगाएगा प्रशासन
इस बैठक के माध्यम से सभी जवानों ने जिला प्रशासन और सरकार से जल्द से जल्द लंबित वेतन भुगतान (Pending Salary Release) करने की जोरदार मांग की है. मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी दिग्विजय पांडेय ने जवानों को आश्वस्त किया कि इस पूरी विकट परिस्थिति और समस्या की जानकारी तत्काल डीएसपी (DSP) को दी जाएगी. इसके साथ ही होमगार्ड जवानों के तीन महीने के बकाया वेतन भुगतान के लिए प्रशासनिक स्तर पर वरिष्ठ अधिकारियों से गुहार लगाई जाएगी.


