
उदित वाणी, जमशेदपुर : टाटा स्टील मेरामंडली ने अपने आंतरिक प्रबंधन को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. कंपनी ने हालिया संगठनात्मक बदलावों को ध्यान में रखते हुए लेज़ी कैपिटल (पुरानी व निष्क्रिय पूंजी) और विविध स्क्रैप की बिक्री के लिए अपनी महत्वपूर्ण ‘गाइडलाइन प्राइस कमिटी’ का पुनर्गठन कर दिया है. पुराने सर्कुलर का हवाला देते हुए गठित की गई यह नई कमिटी तुरंत प्रभाव से लागू हो गई है. कंपनी मैनेजमेंट ने इसके लिए राजीव गर्ग को चेयरमैन की कमान सौंपी है.
क्या होगा नई कमिटी का मुख्य कार्य?
इस पुनर्गठित कमिटी का मुख्य कार्यक्षेत्र आईबीएमडी (आयरन एंड बाय-प्रोडक्ट मैनेजमेंट डिवीजन) को पुरानी मशीनरी, उपकरण और लेज़ी कैपिटल (निष्क्रिय पूंजी) की बिक्री के लिए उचित मूल्य तय करने में मार्गदर्शन देना है. इसके साथ ही, यह कमिटी इस बात का भी आकलन करेगी कि क्या उस सामग्री का कंपनी के भीतर ही आंतरिक रूप से पुन: उपयोग (Internal Reuse) किया जा सकता है. आवश्यकता पड़ने पर कमिटी इसके लिए भी अपनी सलाह देगी.
कमिटी में इन्हें मिली जिम्मेदारी: देखिए नए सदस्यों की सूची
पुनर्गठित गाइडलाइन प्राइस कमिटी में संगठन के कई अनुभवी अधिकारियों को शामिल किया गया है. कमिटी का पूरा ढांचा इस प्रकार है:
चेयरमैन: राजीव गर्ग (चीफ ऑफ मैकेनिकल मेंटेनेंस-टीएसएम)
अल्टरनेट चेयरमैन: रमा सत्यनारायण मुलापुरी (चीफ एमएम – आईएम, टीएसएम)
सदस्य:
बिजय कुमार पांडा (हेड प्रोक्योरमेंट टीएसएम)
केशव कुमार (चीफ ईएमएस एंड मिल्स टीएसएम)
सुब्रत कुमार (हेड बिजनेस फाइनेंस अपस्ट्रीम टीएसएम)
सुजीत बारिक (सीनियर एरिया मैनेजर सेल्स एचआर/सीआर/जीआई/ट्यूब एवं ईपीए स्क्रैप – ओडिशा)
विभास पटनायक (चीफ प्रोजेक्ट्स एंड कंस्ट्रक्शन टीएसएम)
विवेक बांका (चीफ सेंट्रल मैकेनिकल मेंटेनेंस टीएसएम)
परमानेंट इनविटी (स्थायी आमंत्रित सदस्य): श्यामेंद्र कुमार (हेड आईबीएमडी ऑपरेशंस टीएसएम)
कन्वीनर (संयोजक): रसमिता पांडा (सीनियर मैनेजर सेल्स- एमआरपी एवं पूल्ड आयरन – ओडिशा)
इस नई टीम के गठन से कंपनी के स्क्रैप मैनेजमेंट और परिसंपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता और गति आने की उम्मीद है.
