
उदित वाणी, जमशेदपुर : जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय में बीबीए (बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन) 5वें सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद शुक्रवार को विश्वविद्यालय परिसर विरोध प्रदर्शन किया गया. परीक्षा में शामिल कुल 150 छात्राओं में से लगभग 60 छात्राओं को फेल घोषित किए जाने के बाद छात्राओं का आक्रोश फूट पड़ा. अपने भविष्य को लेकर चिंतित छात्राएं न्याय की मांग को लेकर आजसू युवा मोर्चा के समर्थन के साथ सड़क पर उतर आईं और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया.
आंदोलनकारी छात्राओं का गंभीर आरोप है कि परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने और उत्तरपुस्तिकाओं में 20 से अधिक पेज लिखने के बावजूद उन्हें जानबूझकर अनुत्तीर्ण कर दिया गया है. छात्राओं ने मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया.

कुलसचिव से मुलाकात न होने पर भड़का आक्रोश
हंगामे की शुरुआत तब हुई जब फेल हुई छात्राओं के साथ आजसू कार्यकर्ता मामले की शिकायत लेकर कुलसचिव (रजिस्ट्रार) से मिलने विश्वविद्यालय पहुंचे. हालांकि, प्रशासन द्वारा उन्हें मिलने की अनुमति नहीं दी गई, जिससे परिसर में माहौल और गरमा गया. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने दो प्रतिनिधियों को भेजा, लेकिन छात्राओं का आरोप है कि उन्हें केवल खोखला आश्वासन दिया गया, कोई ठोस समाधान नहीं निकला. इससे नाराज प्रदर्शनकारी विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर जमा हो गए और अपने अंकपत्र (मार्कशीट) लहराते हुए प्रशासन के खिलाफ उग्र नारेबाजी करने लगे.
कुलपति के साथ तीखी नोकझोंक, जांच समिति गठित
मामले को बढ़ता देख आखिरकार कुलपति ने छात्र प्रतिनिधियों को वार्ता के लिए आमंत्रित किया. बैठक के दौरान माहौल उस समय बेहद तनावपूर्ण हो गया जब आजसू छात्र नेता दीपक पांडेय और कुलपति के बीच तीखी नोकझोंक हुई. दीपक पांडेय ने प्रशासन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि पीड़ित छात्राएं पिछले तीन दिनों से न्याय के लिए चक्कर काट रही थीं, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं था. दबाव के बाद, विश्वविद्यालय प्रशासन बैकफुट पर आया और कुलपति ने विवादित उत्तरपुस्तिकाओं की री-चेकिंग (पुनर्मूल्यांकन) कराने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष समिति गठित करने की घोषणा की.
बड़े आंदोलन की चेतावनी
इस आश्वासन के बावजूद छात्रों और संगठन का गुस्सा शांत नहीं हुआ है. छात्र नेता दीपक पांडेय ने कहा कि छात्राओं के भविष्य के साथ इस तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. कॉपियों की जांच में बड़ी गड़बड़ी हुई है. आजसू नेताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि गर्मी की छुट्टी के बाद अगर सभी प्रभावित छात्राओं के परीक्षा परिणाम की समीक्षा कर उन्हें न्याय नहीं मिला, तो कुलपति और प्रशासन के खिलाफ एक बड़ा और उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा. इस पूरे विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से राज सिंह, राकेश दास, कुंदन कुमार के साथ-साथ पीड़ित छात्राओं में आरती, सोनम, मुस्कान, रिया समेत भारी संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं.

