उदित वाणी, आदित्यपुर : आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र (Adityapur Industrial Area) की जर्जर आधारभूत संरचना एवं बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर बुधवार को इंडस्ट्रियल स्टेबिलिटी रिफॉर्म्स ऑर्गेनाइजेशन (ISRO) की टीम ने एक अहम पहल की है. संगठन की टीम ने आज जियाडा के क्षेत्रीय उप निदेशक दिनेश रंजन (JIADA Deputy Director Dinesh Ranjan) तथा जेबीवीएनएल (JBVNL) के अधिकारियों से अलग-अलग मुलाकात की और मानसून से पूर्व आवश्यक सुधार कार्यों को शीघ्र पूरा कराने की पुरजोर मांग की. इस विशेष दौरे और इसरो की टीम का नेतृत्व संस्था के अध्यक्ष रूपेश कतरियार ने किया.
बदहाल सड़कें और क्षतिग्रस्त नालियाँ बनीं उद्योगों के लिए बड़ी मुसीबत
अध्यक्ष श्री रूपेश कतरियार के अनुसार, आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में ढाई हजार से अधिक छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयां (एमएसएमई उद्योग) संचालित हो रही हैं. इन कंपनियों को जुस्को (JUSCO) और झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL Jharkhand) के माध्यम से विद्युत की आपूर्ति की जाती है. इसके बावजूद, क्षेत्र की बदहाल सड़कें और क्षतिग्रस्त नालियां हर वर्ष बरसात के दौरान उद्योगों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बनती हैं.
उन्होंने बताया कि कई स्थानों पर सड़कों एवं नालियों की खराब स्थिति के कारण भूमिगत बिजली केबल (Underground Power Cable) क्षतिग्रस्त हो जाते हैं, जिससे बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो जाती है. इसका सीधा और नकारात्मक असर औद्योगिक उत्पादन पर पड़ता है तथा स्थानीय उद्योगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है.
बिजली कटौती और तकनीकी खराबी से उद्यमियों की बढ़ी चिंता
इसरो (ISRO) के अध्यक्ष ने आगे कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में बार-बार होने वाली बिजली कटौती (Power Cut in Adityapur) और तकनीकी खराबियों से उत्पादन प्रक्रिया प्रभावित होती है, जिससे उद्यमियों की चिंताएं लगातार बढ़ जाती हैं. बैठक में यह बात भी प्रमुखता से कही गई कि अगर मानसून से पूर्व सड़क, नाली एवं बिजली ढांचे की मरम्मत नहीं कराई गई, तो आगामी दिनों में स्थिति और भी ज्यादा गंभीर हो सकती है. उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने तथा निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न सरकारी विभागों के बीच एक समन्वित कार्रवाई (सीधी आपसी तालमेल) की आवश्यकता पर विशेष बल दिया.
अधिकारियों ने दिया आश्वासन, मानसून से पहले कार्य पूरा करने का प्रयास
इस अहम मुलाकात के दौरान जियाडा (JIADA) और बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने इसरो की टीम को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि मानसून शुरू होने से पहले आवश्यक मरम्मत एवं बुनियादी सुधार कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का पूरा प्रयास किया जाएगा. अधिकारियों ने उद्योगों से जुड़े तमाम मुद्दों के त्वरित समाधान के प्रति बेहद सकारात्मक रुख अपनाने की बात कही.
इसरो संगठन का स्पष्ट मानना है कि आदित्यपुर राज्य का सबसे बड़ा औद्योगिक हब है और यहां की आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ होना झारखंड के औद्योगिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है. ऐसे में मानसून पूर्व आवश्यक सुधार कार्य पूरे होने से हजारों उद्योगों तथा उनमें कार्यरत श्रमिकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
बैठक में यह उद्यमी रहे मुख्य रूप से शामिल
इस महत्वपूर्ण अवसर पर संगठन की ओर से अध्यक्ष रूपेश कतरियार के साथ संदीप मिश्रा, शंभू जायसवाल, राजीव शुक्ला, इन्द्रजीत शोखी, सौरभ चौधरी, गौतम महापात्रा, अवनीत मुर्तजा, शंभू मोदी और बिपिन शरण मुख्य रूप से शामिल थे.


