उदित वाणी जमशेदपुर: दक्षिण पूर्व रेलवे हावड़ा-मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर ट्रेनों की गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा तक बढ़ाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। इसी योजना के तहत चक्रधरपुर और खड़गपुर रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले चाकुलिया, राखामाइंस और झारग्राम की तीन महत्वपूर्ण रेलवे क्रॉसिंग को बंद करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। रेलवे जोन की ओर से इन फाटकों को बंद करने के लिए टेंडर भी जारी कर दिया गया है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, हाईस्पीड ट्रेन परिचालन के लिए ट्रैक सुरक्षा और निर्बाध रेल यातायात बेहद जरूरी है। लेवल क्रॉसिंग पर दुर्घटनाओं और जाम की स्थिति को समाप्त करने के उद्देश्य से इन फाटकों को चरणबद्ध तरीके से बंद किया जा रहा है। इसके बदले लोगों की आवाजाही सुगम बनाने के लिए ओवरब्रिज और अंडरपास का निर्माण कराया जाएगा।
इससे पहले गोविंदपुर, सलगाझुड़ी और बारीगोड़ा में रेलवे ओवरब्रिज और अंडरब्रिज निर्माण की स्वीकृति दी जा चुकी है। रेलवे का दावा है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद सड़क यातायात अधिक सुरक्षित और सुचारु हो जाएगा। स्थानीय लोगों को लंबे समय तक फाटक बंद रहने की समस्या से राहत मिलेगी, वहीं रेल हादसों की आशंका भी कम होगी।
दक्षिण पूर्व रेलवे पिछले एक दशक से चक्रधरपुर और खड़गपुर मंडल में ट्रैक आधुनिकीकरण, अत्याधुनिक सिग्नल प्रणाली और सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने पर लगातार काम कर रहा है। जुगसलाई समेत कई पुराने रेलवे फाटक पहले ही बंद किए जा चुके हैं।
इधर, बादामपहाड़ रेलखंड पर भी विकास कार्यों को गति दी गई है। हल्दीपोखर और बहलदा के बीच नदी पर नया रेलवे पुल बनाया जाएगा। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि बारिश के मौसम में जलस्तर बढ़ने के बावजूद इससे रेल परिचालन प्रभावित नहीं होगा। खनिज ढुलाई और यात्री ट्रेनों की आवाजाही भी पहले से अधिक सुगम होगी।
दक्षिण पूर्व रेलवे ने बादामपहाड़ और गुरुमहिसानी रेलवे यार्ड एवं शेड विस्तार की योजना को भी मंजूरी दी है। वहीं टाटानगर-बादामपहाड़ सिंगल लाइन को भविष्य में डबल लाइन में तब्दील करने की तैयारी चल रही है। इस रूट पर पिछले वर्ष आधुनिक सिग्नल और ट्रैक्शन सुविधाएं भी शुरू की जा चुकी हैं।


