उदित वाणी जमशेदपुर: बागबेड़ा रोड नंबर-1 स्थित पांच प्रमुख सामाजिक संस्थानों को रेलवे द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। रेलवे ने सभी संस्थानों को 15 दिनों के भीतर जमीन खाली करने का निर्देश दिया है। नोटिस मिलने के बाद विभिन्न समाजों और संगठनों में चिंता का माहौल है।
नोटिस पाने वाले संस्थानों में परशुराम समाज भवन, अनुग्रह नारायण शिक्षा सेवा संस्थान, कृष्णा मेमोरियल संघ, मिथिला समाज भवन तथा किताडीह स्थित यादव समाज भवन शामिल हैं। इन संस्थानों का कहना है कि वे वर्ष 1975 से संचालित हो रहे हैं और यहां शिक्षा, सामाजिक कार्यक्रमों व सामुदायिक आयोजनों का संचालन होता है। जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है।
रेलवे की कार्रवाई के बाद संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सांसद बिद्युत बरण महतो, विधायक संजीव सरदार समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं से संपर्क कर हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि इतने कम समय में भवन खाली करना संभव नहीं है।
बताया जा रहा है कि टाटानगर रेलवे स्टेशन री-डेवलपमेंट परियोजना के तहत रेलवे अपनी जमीन पर बने अतिक्रमणों को चिह्नित कर हटाने की कार्रवाई कर रहा है। हालांकि संस्थानों का दावा है कि उनका परिसर प्रस्तावित परियोजना स्थल से काफी दूर स्थित है।
इस मुद्दे पर आगे की रणनीति तय करने के लिए रविवार शाम पांच बजे अनुग्रह नारायण शिक्षा सेवा संस्थान में सभी सामाजिक संगठनों की बैठक बुलाई गई है। बैठक में सांसद, विधायक और जिला परिषद प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है।
संस्थान के अध्यक्ष अखिलेश्वर सिंह ने कहा कि रेलवे परियोजना की स्पष्ट जानकारी नहीं दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि नोटिस के जरिए संस्थानों पर दबाव बनाया जा रहा है। वहीं जिला परिषद सदस्य कविता परमार ने कहा कि रेलवे चाहे तो जमीन लीज पर देकर सामाजिक गतिविधियों को जारी रखने का रास्ता निकाल सकता है।


