
उदित वाणी, जमशेदपुर: राज्य के सरकारी स्कूलों के शिक्षक विद्यार्थियों को पढ़ाने के साथ अब आंकड़ा भी अपडेट करेंगे। यू डाइस प्लस में स्कूल, शिक्षक और छात्रवार आंकड़ों को अपडेट करना है। जिन स्कूलों को अब तक यू डाइस कोड नहीं मिला है, उन्हें भी इससे जोड़ा जाएगा। यू-डाइस प्लस में पूर्व से पंजीकृत सभी विद्यालयों का नाम, कोटि, प्रबंधन और अन्य सभी महत्वपूर्ण आंकड़ों को अपडेट करने का कार्य पूरा किया जाना है। मान्यता प्राप्त नए विद्यालयों जिसे अब तक यू-डाइस प्लस कोड प्राप्त नहीं है उसे जोड़ा जाना है। वहीं, मान्यता प्राप्त वैसे स्कूल जिसे यू-डाइस कोड प्राप्त है, लेकिन किसी कारण से यू-डाइस प्लस पोर्टल में एक्टिव नहीं है उसे फिर से एक्टिव के लिए फॉर्म भरना होगा।
विशेष रूप से उत्क्रमित माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों व उत्कृष्ट विद्यालयों के नाम व कोटि को अपडेट किया जाना आवश्यक है। ये सारी प्रक्रिया 18 अप्रैल से पहले पूरी की जानी है। वहीं, साल 2025-26 में नामांकित सभी छात्र-छात्राओं का सत्र 2026-27 में प्रोग्रेसन स्टेटस, पिछले सत्र में कितना अंक व प्रतिशत आया, कितने दिन उपस्थित थे, स्कूलों में उनकी स्थिति से संबंधित अन्य जानकारी 30 अप्रैल तक देनी होगी। 10 मई तक वर्ष 2026-27 में नामांकित सभी नए विद्यार्थियों के आंकड़ों को अपडेट यू-डाइस प्लस में पूरा कर लिया जाना है। इसके अलावा 15 मई तक विद्यार्थियों के विद्यालय परिवर्तन होने के स्थिति में छात्र-छात्राओं का पेन नंबर से ड्रॉप बाक्स से इम्पोर्ट किया जाएगा।
बोर्ड परीक्षा में पंजीयन के लिए अनिवार्य होगा अपार :
वर्ष 2027 की बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं के लिए अपार आईडी को अनिवार्य कर दिया गया है। कहा गया है कि सभी स्कूल अगले साल बोर्ड परीक्षा में भाग लेने वाले सभी छात्रों की अपार आईडी बनवा लें। स्कूल केवल उन्हीं छात्र-छात्राओं का नाम वार्षिक परीक्षा 2027 के लिए तैयार की जाने वाली लिस्ट ऑफ कैंडिडेट्स (एलओसी) में शामिल करेंगे, जिनके पास वैध अपार आईडी हो।
इस बीच सीबीएसई के साथ जैक बोर्ड के स्कूलों को भी अपार आईडी जेनरेट करने में गंभीरता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। कक्षा नौवीं से ही सबका अपार सुनिश्चित करने को कहा गया है। निर्देश के बाद जिले के स्कूलों में इसे लेकर आवश्यक तैयारी शुरू कर दी गई है। गौरतलब हो कि अपार आईडी की प्रक्रिया स्कूलों में पूर्व से जारी है। अबतक लगभग 80 प्रतिशत बच्चों का अपार आईडी बन गया है। हालांकि यू-डायस पर सभी छात्र-छात्राओं का विवरण अपलोड कर दिया गया है। लेकिन, आधार कार्ड संबंधी कुछ दिक्कतों के कारण कुछ बच्चों का अपार आईडी जनरेट नहीं हो पा रहा है।
छात्रों के लिए शुरू की गई 12 अंकों की डिजिटल पहचान :
बताते चलें कि अपार आईडी भारत सरकार द्वारा छात्रों के लिए शुरू की गई एक 12 अंकों की डिजिटल पहचान है। यह एक विशिष्ट आईडी है जो छात्रों के शैक्षणिक रिकॉर्ड जैसे कि मार्कशीट, डिग्री, प्रमाण पत्र, छात्रवृत्ति, पुरस्कार और अन्य क्रेडिट को डिजिटल रूप से संग्रहित करती है। अपार आईडी कार्ड छात्रों को अपने शैक्षणिक इतिहास को एक ही स्थान पर एक्सेस करने और प्रबंधित करने में मदद करता है, चाहे वे किसी भी स्कूल या कॉलेज में पढ़ रहे हों। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत लागू शिक्षा मंत्रालय छात्रों के लिए अपार आईडी को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और डिजिटल इंडिया अभियान के तहत लागू कर रहा है। अपार आईडी के माध्यम से बोर्ड का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, डिजिटल और विश्वसनीय बनाना है। यह कदम न केवल छात्रों की पहचान को सुनिश्चित करेगा, बल्कि भविष्य में परीक्षा और परिणाम से जुड़ी किसी भी गड़बड़ी को रोकने में भी मदद करेगा। अपार आईडी बनने से छात्रों को जेईई मेन, नीट और सीयूईटी जैसी प्रवेश परीक्षाओं में भी आसानी होगी।

