
उदित वाणी,जमशेदपुर: अखिल भारतीय तैलिक साहू महासभा, पूर्वी सिंहभूम जिला कमिटी द्वारा गुरुवार को महादानवीर भामाशाह की 480वीं जयंती अत्यंत उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई गई. साकची स्थित भामाशाह चौक (एमजीएम अस्पताल गोलचक्कर) पर आयोजित इस समारोह को समाज ने ‘स्वाभिमान दिवस’ के रूप में मनाया, जहाँ उनकी गौरवशाली विरासत को याद किया गया.
दीप प्रज्ज्वलन और माल्यार्पण के साथ भव्य शुभारंभ
कार्यवाहक जिला अध्यक्ष राकेश साहू के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ तैलिक साहू समाज के गणमान्य अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया. इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने महादानवीर भामाशाह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया. समाज के बुजुर्गों और प्रबुद्ध जनों को पगड़ी एवं अंग वस्त्र भेंट कर सम्मानित भी किया गया.
भीषण गर्मी में राहगीरों की सेवा
जयंती के अवसर पर समाज द्वारा सेवा कार्य भी किए गए. साकची से गुजरने वाले हजारों राहगीरों और आम लोगों के बीच:
शीतल पेयजल और शर्बत का वितरण किया गया.
लोगों के बीच जलेबी और पानी की बोतलें बांटी गईं. भीषण गर्मी में इस सेवा कार्य की स्थानीय लोगों ने काफी सराहना की.
राकेश साहू: भामाशाह की उदारता आज भी प्रेरणादायक
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राकेश साहू ने कहा, “भामाशाह उस महान उदारता के प्रतीक हैं जिन्होंने आत्मसम्मान और लोकहित के लिए अपना सर्वस्व दान कर दिया. उनकी प्रेरणा को चिरस्थाई रखने के लिए देश के कई राज्यों जैसे राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में सरकारी योजनाएं भी चलाई जाती हैं.”
वहीं, धन्यवाद ज्ञापन करते हुए सुरेश कुमार ने कहा कि भामाशाह त्याग की प्रतिमूर्ति थे, जो स्वदेश, धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहते थे. कार्यक्रम का सफल संचालन पप्पू साव साहू द्वारा किया गया.
इनकी रही मुख्य उपस्थिति
समारोह में तैलिक साहू समाज के कई पदाधिकारी, युवा इकाई के सदस्य और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे, जिन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया.

