
उदित वाणी, पटमदा: पटमदा प्रखंड के बिड़रा गांव निवासी सलाबत महतो एक अत्यंत गरीब किसान हैं। उनकी पत्नी चंचला महतो रोज़मर्रा की तरह खाना बनाने के लिए जंगल में लकड़ी चुनने गई थीं। इसी दौरान अचानक एक पेड़ की डाली से उनकी बाईं आंख में चोट लग गई। चोट लगने के बाद वे किसी तरह दर्द सहते हुए घर लौटीं और स्थानीय मेडिकल से दवा ली, लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। लगातार दर्द और तकलीफ के बीच चार दिन गुजर गए। आखिरकार असहनीय पीड़ा के चलते वे मदद के लिए उप मुखिया गोपाल गोराई के पास पहुंचीं।
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए गोपाल गोराई ने बिना देर किए अगले ही दिन वाहन की व्यवस्था कर उन्हें पश्चिम बंगाल के पाड़ा स्थित लोकेश्वरानंद आई हॉस्पिटल ले जाकर इलाज करवाया। डॉक्टरों ने बताया कि यदि समय पर उपचार नहीं होता, तो उनकी एक आंख हमेशा के लिए चली जाती। समय पर किए गए इस प्रयास और ईश्वर की कृपा से आज चंचला महतो की आंख सुरक्षित है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जरूरत के समय की गई मदद किसी के जीवन में नई रोशनी ला सकती है।

