
उदित वाणी, जमशेदपुर: सुंदरनगर थाना क्षेत्र स्थित बिस्कुट और चिप्स के एक बड़े गोदाम में लगी भीषण आग अब केवल हादसा नहीं, बल्कि संदिग्ध घटना के रूप में देखी जा रही है। आग के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए मामले को डीएसपी स्तर के अधिकारी को सौंप दिया है। प्रारंभिक जांच में लापरवाही और साजिश—दोनों ही एंगल पर गंभीरता से पड़ताल शुरू कर दी गई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आग की शुरुआत गोदाम के बाहर पड़े कचरे के ढेर से हुई थी। धीरे-धीरे यह आग फैलकर अंदर तक पहुंच गई और देखते ही देखते पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया। हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि कचरे में आग कैसे लगी—क्या यह किसी की लापरवाही थी या फिर जानबूझकर की गई हरकत।
मामले की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस गोदाम संचालक, कर्मचारियों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। साथ ही, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि आग लगने के असली कारणों का खुलासा हो सके। पुलिस इस पहलू पर भी जांच कर रही है कि कहीं किसी प्रकार की आपसी रंजिश या आर्थिक विवाद के चलते इस घटना को अंजाम तो नहीं दिया गया।
इधर, अग्निशमन विभाग की प्रारंभिक रिपोर्ट में बताया गया है कि गोदाम में मौजूद ज्वलनशील पदार्थों के कारण आग तेजी से फैल गई। बड़ी मात्रा में बिस्कुट, चिप्स और अन्य पैकेटबंद खाद्य सामग्री होने से आग ने कुछ ही समय में विकराल रूप धारण कर लिया।
गोदाम संचालक ‘सौरभ एंटरप्राइजेज’ के मुताबिक, घटना से एक दिन पहले ही लाखों रुपये का नया स्टॉक आया था, जो पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया। इस आग से भारी आर्थिक नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से गोदामों की नियमित जांच और अग्नि सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन की मांग की है। वहीं, पुलिस ने साफ किया है कि जांच में यदि किसी की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

