उदित वाणी, जमशेदपुर: जमशेदपुर के सोनारी स्थित कागलनगर बाजार और गुदरी बाजार के दुकानदारों ने अचानक किए गए किराए में इजाफे को लेकर कड़ा विरोध जताया है. वर्षों से इन दुकानों का संचालन कर रहे व्यापारियों का कहना है कि प्रशासन द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना या आधिकारिक दस्तावेज के किराए में बढ़ोतरी की जा रही है, जो न्यायसंगत नहीं है.
बिना सूचना किराया बढ़ाने का आरोप
दुकानदारों के अनुसार, वे लंबे समय से टाटा स्टील द्वारा लीज पर दी गई इन दुकानों में अपना व्यवसाय कर रहे हैं और नियमित रूप से निर्धारित किराए का भुगतान करते आए हैं. विवाद तब शुरू हुआ जब मार्च 2026 से जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (JNAC) के अधिकारियों ने अचानक बढ़ा हुआ किराया मांगना शुरू कर दिया.
व्यापारियों का कहना है कि:
किराया वृद्धि के संबंध में उन्हें कोई लिखित नोटिस नहीं दिया गया.
जब अधिकारियों से इस वृद्धि के आधार या नियम के बारे में पूछा गया, तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला.
“लिखित आदेश नहीं, तो किराया नहीं”
प्रशासन के इस रवैये से नाराज व्यापारियों ने एकजुट होकर फिलहाल बढ़े हुए किराए का भुगतान रोक दिया है. दुकानदारों ने स्पष्ट कर दिया है कि:
जब तक उन्हें सरकार या विभाग की ओर से आधिकारिक ऑर्डर कॉपी (लिखित आदेश) उपलब्ध नहीं कराई जाती, वे बढ़ा हुआ किराया नहीं देंगे.
दुकानदार पुराने किराए का भुगतान करने के लिए तैयार हैं, लेकिन वे चाहते हैं कि इसकी पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो.
पारदर्शी भुगतान प्रणाली की मांग
दुकानदारों ने प्रशासन के समक्ष कुछ महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की गफलत न हो:
पुराने किराए को जमा करने के लिए ऑनलाइन, बैंक, पोस्ट ऑफिस या विशेष काउंटर की व्यवस्था की जाए.
हर भुगतान के बदले व्यापारियों को आधिकारिक रसीद सुनिश्चित की जाए.
प्रशासन से हस्तक्षेप की अपील
सोनारी के व्यापारियों ने जिला प्रशासन और जेएनएसी के वरिष्ठ अधिकारियों से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है. उनका कहना है कि वे नियम सम्मत किराया देने के पक्षधर हैं, लेकिन मनमाने ढंग से की गई वृद्धि उनके छोटे व्यवसायों और परिवारों के भरण-पोषण पर बुरा असर डालेगी


