
उदित वाणी, जमशेदपुर: जमशेदपुर के हृदय स्थल बिष्टुपुर स्थित बेल्डीह तालाब में पिछले कुछ दिनों से जारी मछलियों की मौत के सिलसिले ने शहर के पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। इस गंभीर स्थिति का जायजा लेने के लिए शनिवार को जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय स्वयं तालाब पहुंचे। उन्होंने न केवल जल स्तर और उसकी गुणवत्ता का अवलोकन किया, बल्कि उन कारणों की भी पड़ताल की जो इस पारिस्थितिकी तंत्र को नष्ट कर रहे हैं।
ऑक्सीजन की कमी: प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट पर सवाल
निरीक्षण के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए सरयू राय ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PCB) की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बोर्ड ने यह कहकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली कि ऑक्सीजन की कमी और तापमान में बदलाव के कारण मछलियां मरीं। राय ने सवाल उठाया कि आखिर इतने बड़े जल निकाय में अचानक ऑक्सीजन का स्तर इतना कम कैसे हो गया? उन्होंने कहा कि बोर्ड को तापमान के सटीक आंकड़े और पानी में मौजूद रासायनिक तत्वों की जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए थी। केवल “ऑक्सीजन की कमी” कहना समस्या का समाधान नहीं, बल्कि उसकी लीपापोती करना है।
बाहरी प्रदूषण और शैवाल का घातक हमला
विधायक ने निरीक्षण के दौरान पाया कि तालाब में एक नाले के माध्यम से बाहर का गंदा पानी प्रवेश कर रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि इस बाहरी पानी में हानिकारक तत्व हो सकते हैं जो जल को जहरीला बना रहे हैं।
शैवाल और जलीय घास: सरयू राय ने बताया कि तालाब के भीतर बड़ी मात्रा में शैवाल (Algae) और एक विशेष प्रकार की घास उग आई है। ये वनस्पतियां पानी में मौजूद ऑक्सीजन को तेजी से सोख लेती हैं। यदि इनकी समय पर सफाई नहीं हुई, तो तालाब के अंदर जलीय जीवन का सांस लेना नामुमकिन हो जाएगा।
तलछट की गंदगी: तालाब के तल (Bed) में वर्षों से गंदगी जमा है। सड़ांध के कारण किनारे पर बदबू आ रही है, जो इस बात का स्पष्ट संकेत है कि पानी के नीचे कार्बनिक पदार्थ सड़ रहे हैं।
टाटा स्टील प्रबंधन की भूमिका और सुझाव
सरयू राय ने टाटा स्टील (TSUISL) प्रबंधन को इस बदहाली के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि प्रबंधन को केवल फव्वारे चलाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए।
नियमित सफाई: तालाब के तलछट (Sediment) की पूरी तरह से यांत्रिक सफाई होनी चाहिए।
स्वच्छ जल की आपूर्ति: बारिश के मौसम को छोड़कर, तालाब में बाहर से स्वच्छ पानी डाला जाना चाहिए ताकि पानी का रोटेशन बना रहे।
फव्वारों का प्रबंधन: पानी में ऑक्सीजन को फिक्स करने के लिए तालाब में मौजूद चार फव्वारों को दिन में कम से कम दो बार अनिवार्य रूप से चलाया जाए।

