उदित वाणी, जमशेदपुर: शहर के लक्ष्मीनगर बस्ती में पिछले एक वर्ष से नारकीय स्थिति झेल रहे स्थानीय लोगों के सब्र का बांध आखिरकार टूट गया। नाले का गंदा पानी सड़कों पर बहने की समस्या से आक्रोशित बस्तीवासियों ने क्षेत्र की विधायक पूर्णिमा साहू के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
एक साल से सड़क पर बह रहा गंदा पानी
स्थानीय निवासियों का कहना है कि करीब एक साल से नाले का गंदा पानी मुख्य सड़क पर बह रहा है। बार-बार शिकायत और गुहार लगाने के बावजूद अब तक नाले का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया है। जलजमाव के कारण पूरे इलाके में दुर्गंध और बीमारियों का खतरा बना हुआ है।
विधायक से कई बार की गई शिकायत
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि इस गंभीर समस्या को लेकर क्षेत्र की विधायक पूर्णिमा साहू को कई बार लिखित आवेदन सौंपा गया है। इतना ही नहीं, करीब 4 से 5 बार स्थानीय लोगों का प्रतिनिधिमंडल विधायक से व्यक्तिगत रूप से मिलकर समाधान की मांग कर चुका है, लेकिन आश्वासन के अलावा धरातल पर कोई काम नहीं हुआ।
बच्चे और श्रद्धालु सबसे ज्यादा परेशान
सड़क पर बहते गंदे पानी ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों को हर दिन इस गंदगी से होकर गुजरना पड़ता है। वहीं, मंदिर जाने वाली महिलाओं को भी भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है।
अनोखा प्रदर्शन: “हमारी विधायक लापता है” के लगे नारे
विरोध जताने के लिए बस्तीवासियों ने एक अनोखा तरीका अपनाया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर जमा नाले के पानी में ‘कागज की नाव’ चलाई और “हमारी विधायक लापता है” जैसे नारे लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस हंगामे के दौरान बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए।
प्रदर्शन में ये लोग रहे शामिल
इस आंदोलन का नेतृत्व और समर्थन करने वालों में युवा समाजसेवी नवीन कुमार, अभिषेक तिवारी, दीना जी, शोभा गुप्ता, सुलोचना देवी, सुमित्रा देवी, मुन्ना जी, विनोद जी, कपिलदेव सिंह, प्रभुनाथ शर्मा, रंजीत राय, सरोज ओझा, बी.के. चौधरी, रूपेश सिंह, दीपु शर्मा, राजेश कुमार सिंह सहित सैकड़ों स्थानीय लोग मौजूद थे।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
बस्तीवासियों ने दो टूक शब्दों में प्रशासन और जन प्रतिनिधि को चेतावनी दी है कि यदि नाले की समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे जिला समाहरणालय (डीसी कार्यालय) का घेराव करेंगे और आंदोलन को और अधिक उग्र बनाएंगे।


