
उदित वाणी, जमशेदपुर: शहर में अपराध और अराजकता पर अंकुश लगाने के लिए जमशेदपुर पुलिस अपनी कार्यशैली में ऐतिहासिक बदलाव करने जा रही है. न्यूयॉर्क पुलिसिंग सिस्टम से प्रेरित ‘ब्रोकन विंडो पुलिसिंग’ (Broken Window Policing) को जमशेदपुर में लागू करने की तैयारी पूरी हो चुकी है. इस नई व्यवस्था के तहत अब पुलिस केवल बड़े अपराधों का इंतजार नहीं करेगी, बल्कि छोटी-छोटी लापरवाहियों और विवादों पर भी उतनी ही सख्ती से कार्रवाई करेगी.
क्या है ‘ब्रोकन विंडो’ मॉडल? (What is Broken Window Theory)
‘ब्रोकन विंडो थ्योरी’ का सिद्धांत 1980 के दशक में अमेरिका में विकसित हुआ था. इस सिद्धांत के अनुसार, यदि किसी इलाके में एक टूटी हुई खिड़की को तुरंत ठीक नहीं किया जाता, तो यह अपराधियों को संकेत देता है कि वहां नियमों की अनदेखी हो रही है. यही छोटी लापरवाही आगे चलकर बड़े अपराधों का आधार बनती है.
सरल शब्दों में: यदि सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीना, गंदगी फैलाना, दीवारों पर पोस्टर चिपकाना या छोटी-मोटी तोड़फोड़ को नजरअंदाज किया जाए, तो अपराधियों के हौसले बढ़ते हैं. न्यूयॉर्क पुलिस ने 90 के दशक में इसे अपनाकर अपराध दर में भारी कमी दर्ज की थी.
जमशेदपुर पुलिस अब ‘प्रोएक्टिव’ मोड में
सिटी एसपी कुमार शिवाशीष ने स्पष्ट किया कि पुलिस अब ‘रिएक्टिव’ (घटना के बाद कार्रवाई) नहीं बल्कि ‘प्रोएक्टिव’ मोड में काम करेगी. हाल की दो प्रमुख घटनाओं ने इस मॉडल की जरूरत को पुख्ता किया है:
• 31 मार्च 2026 (सीतारामडेरा): रामनवमी जुलूस के एक मामूली विवाद ने फायरिंग और चापड़ से हमले का रूप ले लिया.
• 30 मार्च 2026 (उलीडीह): तीन साल पुराने एक छोटे विवाद का बदला लेने के लिए विक्रम सिंह पर गोली चलाई गई.
इन मामलों से साफ है कि यदि छोटे विवादों को समय रहते नहीं सुलझाया गया, तो वे बड़ी आपराधिक घटनाओं में बदल जाते हैं.
इन गतिविधियों पर होगी विशेष सख्ती
पुलिस अब बाजार, चौक-चौराहे और बस स्टैंड जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में निम्नलिखित गतिविधियों पर तुरंत एक्शन लेगी:
• अवैध पार्किंग और सड़क किनारे अड्डेबाजी.
• सार्वजनिक स्थानों पर शराब का सेवन.
• स्टंटबाजी, रैश ड्राइविंग और गंदगी फैलाना.
• सट्टेबाजी, जुआ और असामाजिक गतिविधियां.
थाना प्रभारियों की जवाबदेही और दिल्ली मॉडल
इस मॉडल को सफल बनाने के लिए थाना स्तर पर जवाबदेही तय की गई है. यदि किसी क्षेत्र में छोटी घटनाओं को नजरअंदाज किया गया, तो संबंधित थानेदार के खिलाफ कार्रवाई होगी. देश की राजधानी दिल्ली में लागू सफल पुलिसिंग से प्रेरणा लेकर इसे जमशेदपुर में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा.
आम नागरिकों की भूमिका और चुनौतियां
सिटी एसपी के अनुसार, इस मॉडल की सफलता के लिए नागरिकों का सहयोग अनिवार्य है. दुकानदारों और युवाओं को जागरूक किया जाएगा ताकि वे अपने आसपास संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें. हालांकि, इसके लिए पुलिस को अतिरिक्त संसाधनों और निरंतर निगरानी की आवश्यकता होगी.

