
उदित वाणी, जमशेदपुर : सिनी स्थित जोनल रेलवे प्रशिक्षण संस्थान में टाटानगर रेल सिविल डिफेंस की ओर से विभिन्न डिवीजनों के रेलकर्मियों को यात्री सुरक्षा और आपातकालीन बचाव कार्यों का विशेष प्रशिक्षण दिया गया. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्टेशन मैनेजर, प्रो स्टेशन मैनेजर, ट्रेन मैनेजर, प्रो ट्रेन मैनेजर, सीसीटीसी और पॉइंट मैन सहित कुल 147 रेलकर्मी शामिल हुए.
प्रशिक्षण सत्र के दौरान सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर एवं राष्ट्रपति सम्मानित सदस्य संतोष कुमार ने प्रतिभागियों को बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) की अहम तकनीकों से अवगत कराया. उन्होंने बताया कि अक्सर स्टेशनों पर यात्रियों के अचानक बेहोश होने, सीढ़ियां चढ़ते या ट्रेन में चढ़ते समय गिरकर घायल होने जैसी घटनाएं सामने आती हैं. ऐसी परिस्थितियों में आसपास मौजूद लोग असहाय होकर केवल दर्शक बन जाते हैं, जबकि समय पर दी गई प्राथमिक चिकित्सा किसी की जान बचा सकती है.
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि रेलकर्मी ‘फर्स्ट रिस्पांडर’ की भूमिका निभा सकते हैं. प्रशिक्षण के दौरान कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा) की स्थिति में सीपीआर (CPR) देने की विधि, अचेतन अवस्था में जीवन रक्षक उपाय, और श्वसन नली में बाहरी वस्तु फंसने पर हेमलिच मैनोवर तकनीक का व्यवहारिक अभ्यास कराया गया.
इसके अलावा, सिविल डिफेंस डेमोंस्ट्रेटर शंकर कुमार प्रसाद ने अग्निशमन यंत्रों के सुरक्षित और प्रभावी उपयोग पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया. उन्होंने आग लगने की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया और उपकरणों के सही इस्तेमाल की बारीकियां समझाईं.
कार्यक्रम के समापन पर संस्थान के मुख्य अनुदेशक ने सभी प्रशिक्षकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया. वहीं, जोनल रेलवे प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य मनोज कुमार सिंह ने इस पहल को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए सिविल डिफेंस टीम के कार्यों की सराहना की. उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से रेलकर्मियों की कार्यकुशलता बढ़ेगी और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में बड़ी मदद मिलेगी.
प्रशिक्षण कार्यक्रम में चक्रधरपुर, रांची, आद्रा, खड़गपुर, नागपुर, संबलपुर, विशाखापट्टनम, खुर्दा, बिलासपुर, रायपुर सहित अन्य डिवीजनों के रेलकर्मियों की सक्रिय भागीदारी रही. यह पहल रेलवे में सुरक्षा मानकों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.

