
उदित वाणी, जमशेदपुर : चक्रधरपुर रेल मंडल ने ट्रेन यात्रा के दौरान अनुशासन और सुरक्षा बनाए रखने के लिए यात्रियों से जिम्मेदारीपूर्वक व्यवहार करने की अपील की है. मंडल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ट्रेन में लगे अलार्म चेन का उपयोग केवल आपातकालीन परिस्थितियों—जैसे किसी यात्री की तबीयत बिगड़ने, आग लगने या अन्य गंभीर सुरक्षा खतरे—में ही किया जाना चाहिए.
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, बिना ठोस कारण के चेन पुलिंग करने से ट्रेनों की समयबद्धता प्रभावित होती है, अन्य यात्रियों को असुविधा होती है और पूरे रेलवे संचालन पर नकारात्मक असर पड़ता है. इस तरह की लापरवाही न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह दंडनीय अपराध भी है.
मंडल ने जानकारी दी कि भारतीय रेल अधिनियम, 1989 की धारा 141 के तहत बिना कारण चेन खींचना संज्ञेय अपराध है. इसके लिए दोषी पाए जाने पर एक वर्ष तक की सजा, 1000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान है.
आंकड़ों पर नजर डालें तो जनवरी से मार्च 2026 के बीच चक्रधरपुर मंडल में चेन पुलिंग के दुरुपयोग के 267 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 245 लोगों को गिरफ्तार किया गया. ये आंकड़े इस बात का संकेत हैं कि रेलवे प्रशासन इस मुद्दे को लेकर कितना गंभीर है और नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई कर रहा है.
रेलवे ने सभी यात्रियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि वे यात्रा के दौरान संयम और जागरूकता बनाए रखें. अलार्म चेन का उपयोग केवल वास्तविक आपात स्थिति में ही करें, ताकि सभी यात्रियों के लिए सुरक्षित, समय पर और आरामदायक यात्रा सुनिश्चित की जा सके.

