
उदित वाणी, बहरागोड़ा : थाना क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग एन एच 18 पर गुरुवार दोपहर को एक हृदयविदारक सड़क हादसे में बिहार पुलिस के सेवानिवृत्त कर्मी भुगान बास्के (65 वर्ष) की दर्दनाक मौत हो गई. घटना संतोष होटल के समीप कटिंग पर उस वक्त हुई जब वे सड़क पार कर रहे थे. इस हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया है.
पत्नी आ रही थी बस से, पति स्कूटी से जा रहे थे बहरागोड़ा:-
मृतक भुगान बास्के मूल रूप से गुड़ाबंदा थाना क्षेत्र के बेनागाड़िया गांव के निवासी थे. परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, वे अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए उनका नामांकन (एडमिशन) कराने बहरागोड़ा आ रहे थे. उनकी पत्नी मुनी बास्के बस में सवार होकर बहरागोड़ा के लिए निकली थीं, जबकि भुगान अपनी स्कूटी(JH05CA7479 )से पीछे-पीछे आ रहे थे. किसी ने सोचा भी नहीं था कि कुछ ही मिनटों का यह सफर उनके जीवन का आखिरी सफर बन जाएगा.
सड़क पार करते समय काल बनकर आई तेज रफ्तार कार:-
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, संतोष होटल के पास जैसे ही भुगान बास्के ने अपनी स्कूटी से सड़क पार करने की कोशिश की, टाटा (जमशेदपुर) की ओर से आ रही एक होंडा एमेज (JH01GA9778)अनियंत्रित और तेज रफ्तार कार ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया. टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्कूटी के परखच्चे उड़ गए और भुगान बास्के काफी दूर जाकर गिरे, जिससे उनके सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं.
स्थानीय लोगों की मदद और अस्पताल में मृत घोषित:-
दुर्घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और राहगीरों की भारी भीड़ जमा हो गई. मानवता का परिचय देते हुए स्थानीय लोगों ने त्वरित पहल की और लहूलुहान हालत में भुगान को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहरागोड़ा पहुँचाया. अस्पताल में मौजूद चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया. मौत की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया.
फिल्मी अंदाज में पुलिस ने किया पीछा, आरोपी गिरफ्तार
हादसे के बाद कार चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया था.वहीं घटना की गंभीरता को देखते हुए बहरागोड़ा थाना प्रभारी शंकर प्रसाद कुशवाहा ने तुरंत मोर्चा संभाला. उन्होंने अपनी टीम के साथ भाग रही कार का पीछा किया. पुलिस की तत्परता रंग लाई और पड़ोसी थाना बरसोल के क्षेत्र में घेराबंदी कर दुर्घटना में शामिल कार को पकड़ लिया गया.
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया और पोस्टमार्टम (अंत्य परीक्षण) के लिए अनुमंडल अस्पताल घाटशिला भेज दिया है. साथ ही अपने स्तर से आगे की कार्रवाई करने में जुटी हुई है.उधर इस घटना के बाद से बेनागाड़िया गांव में शोक की लहर दौड़ गई है. ग्रामीणों ने एनएच पर बढ़ती रफ्तार और सुरक्षा मानकों को लेकर चिंता व्यक्त की है.उनके दो बेटी है परिवार सुनकर रो रो बुरा हाल हो गया.

