
जमशेदपुर: सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने 1 अप्रैल 2026 से लागू किए गए आयकर प्रणाली के नए प्रावधानों का स्वागत किया है। चैम्बर ने इसे कर व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और व्यवसाय अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
अध्यक्ष मानव केडिया की प्रतिक्रिया
चैम्बर अध्यक्ष मानव केडिया ने कहा कि आयकर प्रणाली में किए गए ये बदलाव देश में करदाताओं की संख्या बढ़ाने में सहायक होंगे। साथ ही सरकार के राजस्व में वृद्धि होगी, जिससे विकास कार्यों को गति मिलेगी और “विकसित भारत” के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।
सेमिनार आयोजित करने की तैयारी
मानद महासचिव पुनीत कांवटिया ने बताया कि चैम्बर जल्द ही अपने सदस्यों, व्यवसायियों और उद्यमियों के लिए एक विशेष सेमिनार आयोजित करेगा। इसमें नए आयकर प्रावधानों की विस्तृत जानकारी और उनके व्यवहारिक पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया जाएगा।
नए कानून से जटिलता में कमी
चैम्बर के उपाध्यक्ष (वित्त एवं कराधान) अधिवक्ता राजीव अग्रवाल ने कहा कि नए आयकर अधिनियम 2025 के लागू होने से कर कानूनों की जटिलता कम होगी और अनुपालन में सुधार आएगा।
मुख्य प्रावधानों पर एक नजर
नए आयकर बदलावों के तहत “टैक्स ईयर” की अवधारणा लागू की गई है, जिससे वित्तीय वर्ष और आकलन वर्ष की जटिल व्यवस्था समाप्त हो जाएगी। नई कर व्यवस्था को डिफॉल्ट बनाया गया है, हालांकि पुरानी व्यवस्था चुनने का विकल्प जारी रहेगा।
मध्यम वर्ग को राहत
स्टैंडर्ड डिडक्शन और रिबेट के प्रावधानों के कारण मध्यम वर्ग को राहत मिलने की बात कही गई है। इसके तहत लगभग 12 से 12.75 लाख रुपये तक की आय पर कर देयता शून्य हो सकती है।
छोटे व्यापारियों को फायदा
सचिव (वित्त एवं कराधान) अंशुल रिंगसिया ने बताया कि प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन की सीमा बढ़ने से छोटे व्यापारियों और पेशेवरों को लाभ मिलेगा। नए आईटीआर फॉर्म और सख्त प्रकटीकरण मानकों से कर प्रणाली अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी।
विवादों में आएगी कमी
चैम्बर के अनुसार, नए प्रावधानों से तकनीकी आधार पर होने वाले विवादों में कमी आएगी और मामलों के निपटारे की प्रक्रिया भी तेज होगी।

