
उदित वाणी, रांची : आज अजय कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, झारखंड सरकार के कार्यालय कक्ष में टेली आईसीयू के संदर्भ में सभी सदर अस्पतालों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई.
बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि राज्य के सभी सदर अस्पतालों एवं मेडिकल कॉलेजों में टेली आईसीयू की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. इसके लिए आवश्यक उपकरणों और मैनपावर की तत्काल व्यवस्था करने को कहा गया.
उन्होंने बताया कि फिलहाल राज्य के पांच जिले -गुमला, सिमडेगा, चतरा और रांची सदर -टेली आईसीयू से जुड़े हुए हैं. इन अस्पतालों का मेंटर राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) है, जहां से सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर टेली आईसीयू एवं एआई तकनीक के माध्यम से गंभीर मरीजों की निगरानी कर उन्हें परामर्श दे रहे हैं.
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि इस व्यवस्था को सभी जिलों में लागू किया जाएगा, जिससे मरीजों को इलाज के लिए बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह मिल सकेगी.
बैठक में संभावित चुनौतियों पर भी चर्चा की गई. उन्होंने बताया कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) द्वारा नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया गया है. आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त नियुक्तियां भी की जाएंगी. वहीं, पैरामेडिकल स्टाफ की कमी को आउटसोर्सिंग के माध्यम से पूरा करने का निर्देश दिया गया.
मेडिकल उपकरणों की खरीद पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया. जिन अस्पतालों में उपकरणों की खरीद लंबित है, उनकी निगरानी की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर राज्य स्तर से उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे.
बैठक में एसएनए स्पर्श और मुख्यमंत्री अस्पताल रखरखाव योजना की भी समीक्षा की गई. इस दौरान एनएचएम के अभियान निदेशक श्री शशि प्रकाश झा ने जिलों से अद्यतन जानकारी ली. अधिकांश जिलों द्वारा 90 प्रतिशत से अधिक राशि खर्च किए जाने पर संतोष व्यक्त किया गया और शेष राशि भी शीघ्र खर्च करने के निर्देश दिए गए.
बैठक में झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी के कार्यकारी निदेशक श्री छवि रंजन, विभाग के संयुक्त सचिव श्री विद्यानंद शर्मा, पंकज, डीआईसी डॉ. सिद्धार्थ सान्याल, संयुक्त सचिव ललित मोहन शुक्ला एवं संयुक्त निदेशक श्रीमती रीतु सहाय सहित कई अधिकारी उपस्थित थे.

