
उदित वाणी, रांची/ जमशेदपुर : झारखंड स्टेट बार काउंसिल के पंचवर्षीय चुनाव से ठीक एक दिन पहले प्रत्येक मतदाता के लिए कम से कम पांच प्रत्याशियों को मत देना अनिवार्य किए जाने के नियम को चुनौती देते हुए दायर याचिका पर बुधवार को उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की, लेकिन अदालत ने इस आग्रह को स्वीकार नहीं किया. हालांकि अदालत ने मामले में बार काउंसिल ऑफ इंडिया और झारखंड स्टेट बार काउंसिल से जवाब मांगा है.
याचिकाकर्ता ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया के उस नियम को चुनौती दी है, जिसमें हर मतदाता को पांच प्रत्याशियों को मत देना अनिवार्य किया गया है. याचिका में इसे अधिवक्ताओं की स्वतंत्र पसंद के अधिकार के विपरीत बताया गया है. इसके बावजूद निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 12 मार्च को राज्यभर में चुनाव कराया जाएगा.
राज्यभर में 75 मतदान केंद्र, जमशेदपुर में भी व्यापक तैयारी
झारखंड स्टेट बार काउंसिल के मुख्य चुनाव पदाधिकारी न्यायमूर्ति अंबुज नाथ ने बताया कि गुरुवार 12 मार्च को होने वाले चुनाव को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. राज्य में जमशेदपुर समेत 37 बार एसोसिएशन में कुल 75 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. चुनाव संचालन के लिए 75 पोलिंग ऑफिसर तैनात किए जाएंगे.
हर बार एसोसिएशन में एक-एक पर्यवेक्षक भी नियुक्त किया जाएगा. पर्यवेक्षक के निर्देश और निगरानी में पोलिंग ऑफिसर मतदान की पूरी प्रक्रिया संपन्न कराएंगे.
सुबह 10 से शाम 5 बजे तक मतदान
12 मार्च को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान होगा. अधिवक्ता मतदाता अपना पहचान पत्र दिखाकर मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे. राजधानी रांची में सिविल कोर्ट परिसर और उच्च न्यायालय परिसर में अलग-अलग मतदान केंद्र बनाए गए हैं.
रांची सिविल कोर्ट परिसर में आठ बूथ बनाए गए हैं, जहां 34 स्क्रीन एरिया में मतदान की व्यवस्था रहेगी. वहीं उच्च न्यायालय परिसर में दस बूथ बनाए गए हैं, जहां 45 स्क्रीन एरिया में मतदान कराया जाएगा.
इसके अलावा जमशेदपुर में पांच
धनबाद में आठ, गिरिडीह में तीन, बोकारो में और हजारीबाग में चार और बूथ बनाए जाएंगे. अन्य जिलों के बार संघों में भी मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं.
23 पदों के लिए 100 उम्मीदवार मैदान में
झारखंड स्टेट बार काउंसिल के 25 पदों में से 23 पदों के लिए चुनाव कराया जा रहा है. इनमें 18 पुरुष और 5 महिला सदस्य चुने जाएंगे, जबकि दो सदस्यों का चयन मनोनयन के माध्यम से किया जाएगा.
इस बार कुल 100 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं. सभी उम्मीदवारों के क्रमांक स्टेट बार काउंसिल की वेबसाइट पर जारी कर दिए गए हैं. इस चुनाव में राज्य के कुल 25,001 अधिवक्ता मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे.
विशेष बात यह है कि पहली बार महिला अधिवक्ताओं के लिए सात सीटें आरक्षित की गई हैं, जिससे बार काउंसिल में महिला प्रतिनिधित्व बढ़ने की संभावना जताई जा रही है.
मतदान के लिए सख्त नियम लागू
बार काउंसिल ने मतदान की प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं. नियम-30 (मतदान की विधि) के तहत मतदाता को मतपत्र पर उम्मीदवारों के सामने अपनी वरीयता शब्दों में लिखनी होगी.
मतदाता अपने सबसे पसंदीदा उम्मीदवार के सामने अंग्रेजी में वन लिखेंगे, जबकि अन्य उम्मीदवारों के सामने क्रमशः टू, थ्री, फोर, फाइव लिखकर वरीयता दर्ज कर सकते हैं.
बार काउंसिल ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई मतदाता 1, 2, 3 जैसे अंकों में वरीयता दर्ज करता है तो उसका मत अमान्य घोषित किया जा सकता है.
मतदाता के लिए पांच जरूरी निर्देश
पहले पसंदीदा उम्मीदवार के सामने अंग्रेजी में वन लिखें
अन्य उम्मीदवारों के सामने क्रमशः टू, थ्री, फोर लिखकर वरीयता दें
1, 2, 3 जैसे अंकों में वरीयता लिखने पर मत अमान्य हो सकता है
मतपत्र पर हस्ताक्षर या पहचान दर्शाने वाला कोई चिन्ह न लगाएं
लिखावट साफ और स्पष्ट रखें, ताकि रिटर्निंग ऑफिसर उसे पढ़ सकें

