
उदित वाणी, जमशेदपुर : नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) जमशेदपुर में बुधवार को डीजेएलएचसी 212 में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस बड़े उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया. इस आयोजन का उद्देश्य संस्थान की महिला संकाय सदस्यों और कर्मचारियों के योगदान को सम्मानित करना और उनकी उपलब्धियों का उत्सव मनाना था.
विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) अंजिला गुप्ता, कुलपति, कोल्हान विश्वविद्यालय थीं. इस अवसर पर श्रीमती इंद्राणी सूत्रधार, श्रीमती दीपाली डोकानिया, श्रीमती पूरबी घोष तथा डॉ. शेफ प्रिया गुप्ता ने भी कार्यक्रम में भाग लिया. अतिथियों की उपस्थिति ने समारोह की गरिमा और बढ़ा दी.
महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर
अपने संबोधन में प्रो. (डॉ.) अंजिला गुप्ता ने शिक्षा, नेतृत्व और समाज में महिलाओं के सशक्तिकरण पर प्रकाश डाला. उन्होंने संस्थानों को प्रेरित किया कि ऐसा समावेशी वातावरण विकसित किया जाए, जहाँ महिलाएँ अपने कौशल का पूर्ण उपयोग कर सकें और नेतृत्व की भूमिका निभा सकें.
संस्थान के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार ने महिला संकाय, छात्राओं और कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने पर बल दिया. उन्होंने संस्थान के विकास में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की और समाज के समग्र विकास में उनकी भागीदारी का महत्व रेखांकित किया.
सम्मान और सांस्कृतिक कार्यक्रम
कार्यक्रम में महिला संकाय सदस्यों, गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों और पुरुष संकाय सदस्यों की जीवनसाथियों को सम्मानित किया गया. इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया, जिसमें संस्थान समुदाय की प्रतिभा और रचनात्मकता झलकती नजर आई. आयोजन का उद्देश्य शैक्षणिक और प्रशासनिक तंत्र में योगदान देने वाली महिलाओं के समर्पण और उपलब्धियों को पहचान देना था.
आयोजन समिति के सदस्य डॉ. शुभम त्रिपाठी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं की शक्ति, दृढ़ता और उपलब्धियों को सराहने का अवसर है. यह समानता और अवसरों को बढ़ावा देने की हमारी सामूहिक जिम्मेदारी की भी याद दिलाता है.
समापन और नेटवर्किंग
कार्यक्रम का समापन श्रीमती इंद्राणी सूत्रधार द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम और नेटवर्किंग टी के साथ हुआ. इसमें संकाय सदस्य, कर्मचारी और अतिथि उत्साहपूर्वक शामिल हुए.
इस आयोजन में संस्थान के संकाय सदस्य, कर्मचारी और मीडिया प्रतिनिधियों की सक्रिय और उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली.

