
उदित वाणी, सरायकेला : सरायकेला-खरसावां जिले में सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती घटनाओं को लेकर जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता तथा पुलिस अधीक्षक मुकेश लूणायत की उपस्थिति में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई। बैठक में जिले में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने और सड़क अधोसंरचना के सुधार से जुड़े विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
दो माह में 35 सड़क दुर्घटनाएं, 26 लोगों की मौत
बैठक के दौरान जिला परिवहन पदाधिकारी गिरिजा शंकर महतो ने सड़क सुरक्षा से संबंधित अद्यतन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि जनवरी 2026 में जिले में कुल 20 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 15 लोगों की मृत्यु हुई। वहीं फरवरी 2026 में 15 सड़क दुर्घटनाओं में 11 लोगों की मौत दर्ज की गई। इस प्रकार दो माह में कुल 35 सड़क दुर्घटनाओं में 26 लोगों की जान चली गई। इसके अलावा जिले में 18 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जिनके सुधार के लिए संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
राष्ट्रीय और प्रमुख सड़कों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का निर्देश
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि एनएच-32 और एनएच-33 सहित सभी राष्ट्रीय और प्रमुख सड़कों पर यातायात सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए रिफ्लेक्टर, बड़े साइनेज बोर्ड, हाई मास्ट लाइट और सीसीटीवी कैमरों की स्थापना सुनिश्चित की जाए। साथ ही प्रमुख सड़कों पर रंबल स्ट्रिप, चेतावनी संकेतक बोर्ड, थर्मोप्लास्टिक रोड मार्किंग और जेब्रा क्रॉसिंग जैसे आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की स्थापना भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
वाहन जांच अभियान तेज करने का निर्देश
उपायुक्त ने सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित वाहन जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने नशे की हालत में वाहन चलाने, ओवरस्पीडिंग और ओवरलोडिंग करने वालों के खिलाफ कठोर और लगातार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। इसके अलावा अवैध पार्किंग की नियमित जांच कर आवश्यकतानुसार दंडात्मक कार्रवाई करने तथा जिले में संचालित “हेलमेट नहीं तो पेट्रोल नहीं” अभियान को प्रभावी रूप से लागू रखने के निर्देश दिए गए।
सड़क सुरक्षा को बताया सामाजिक जिम्मेदारी
उपायुक्त ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वित कार्यप्रणाली, सतत निगरानी और समयबद्ध कार्रवाई बेहद जरूरी है। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), पथ निर्माण विभाग और ग्रामीण विकास विभाग को निर्देश दिया कि वे अपने अधीन सड़कों की मरम्मत, प्रकाश व्यवस्था और ब्लैक स्पॉट सुधार कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करें।
उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासनिक ही नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। आम नागरिकों से अपील की गई कि वे दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें तथा सभी यातायात नियमों का पालन करें।
सरायकेला-चौका सड़क मरम्मत कार्य की समीक्षा
बैठक के दौरान JARDCL द्वारा संचालित सरायकेला-चौका सड़क मरम्मत कार्य की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने JARDCL के पदाधिकारियों को कार्यशैली में सुधार लाते हुए सभी मरम्मत और निर्माण कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और आम लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा मिल सके।
बैठक में अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार, अपर नगर आयुक्त (आदित्यपुर) रवि प्रकाश, अनुमंडल पदाधिकारी सरायकेला और चांडिल, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), JARDCL तथा संबंधित विभागों के कार्यपालक अभियंता, मोटरयान निरीक्षक, सभी अंचल अधिकारी, सभी थाना प्रभारी और अन्य समिति सदस्य उपस्थित थे।
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