
उदित वाणी, नई दिल्ली/जमशेदपुर: जमशेदपुर को औद्योगिक टाउनशिप घोषित करने संबंधी अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में 11 मार्च 2026 को सुनवाई होगी. यह मामला जवाहरलाल शर्मा द्वारा दायर रिट याचिका (सिविल) संख्या 483/2025 से संबंधित है, जिसमें संविधान के अनुच्छेद 243Q(1) तथा झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 की धारा 481 की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई है.
यह याचिका सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय खंडपीठ के समक्ष सूचीबद्ध की गई है, जिसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल पंचोली शामिल हैं.

याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में 28 दिसंबर 2023 को जारी उस अधिसूचना को रद्द करने की मांग की है, जिसके माध्यम से जमशेदपुर को औद्योगिक टाउनशिप घोषित किया गया था. साथ ही, झारखंड सरकार को निर्देश देने की भी मांग की गई है कि जमशेदपुर के लिए एक विधिवत नगर निगम का गठन किया जाए.
याचिका में यह भी कहा गया है कि संविधान के अनुच्छेद 243Q(1) के तहत शहरी क्षेत्रों में स्थानीय स्वशासन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम या नगर पालिका का गठन किया जाना चाहिए. ऐसे में जमशेदपुर को औद्योगिक टाउनशिप घोषित करना इस संवैधानिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं है.
इस मामले की सुनवाई को लेकर जमशेदपुर के प्रशासनिक ढांचे और स्थानीय स्वशासन व्यवस्था पर दूरगामी प्रभाव पड़ने की संभावना जताई जा रही है.

