जमशेदपुर: झारखंड ह्यूमन राइट एसोसिएशन उपयुक्त को एक मांग पत्र सोफा 23 फरवरी 2026 को मानगो नगर निगम, जुगसलाई, चाकुलिया समेत झारखंड के कई शहरी निकायों में हुए मतदान के दौरान निर्वाचन व्यवस्था की गंभीर खामियां सामने आईं। मतदान के दिन बड़ी संख्या में मतदाताओं को मतदाता सूची में गड़बड़ी के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ा, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता और व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए।बताया जा रहा है कि कई जगहों पर एक ही परिवार के सदस्यों के नाम अलग-अलग वार्डों की मतदाता सूची में दर्ज कर दिए गए थे। एक ही घर में रहने वाले माता-पिता, भाई-बहन या अन्य सदस्यों को अलग-अलग मतदान केंद्रों पर भेज दिया गया, जिससे मतदाताओं को काफी भ्रम और परेशानी का सामना करना पड़ा। इस तरह की प्रशासनिक त्रुटि को स्थानीय लोगों ने गंभीर लापरवाही करार दिया है।
मतदान के दिन हजारों मतदाता सुबह से लेकर शाम पांच बजे तक एक वार्ड से दूसरे वार्ड का चक्कर लगाते रहे। कई मतदाताओं का आरोप है कि जागरूकता अभियान और तैयारियों पर भारी खर्च के बावजूद उन्हें सही जानकारी या मतदाता पर्ची (वोटर स्लिप) समय पर नहीं मिल सकी। इसके कारण अनेक लोग मतदान केंद्र तक पहुंचने के बावजूद अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं कर पाए।
इस अव्यवस्था का असर मतदान प्रतिशत पर भी पड़ा। जानकारी के अनुसार बड़ी संख्या में मतदाता अपने संवैधानिक अधिकार का उपयोग नहीं कर सके, जिससे कई क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत में गिरावट दर्ज की गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि लोकतंत्र में मतदान का अधिकार बेहद महत्वपूर्ण है। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 326 प्रत्येक वयस्क नागरिक को मताधिकार प्रदान करता है। वहीं लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 15 के अनुसार शुद्ध और त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करना निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी की जिम्मेदारी होती है।
कानून के अनुसार यदि कोई निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) या बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) अपने कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही करता है, तो लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 32 के तहत उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है, जिसमें कारावास या जुर्माना अथवा दोनों शामिल हो सकते हैं।
स्थानीय लोगों और कई सामाजिक संगठनों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि भविष्य में मतदाता सूची से जुड़ी ऐसी गड़बड़ियां दोबारा न हों और हर नागरिक अपने मताधिकार का सुचारू रूप से उपयोग कर सके।


