
उदित वाणी, चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभागार में उपायुक्त चंदन कुमार की अध्यक्षता में जिला कृषि कार्यालय एवं कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन एजेंसी (आत्मा) के माध्यम से संचालित कृषि योजनाओं की प्रगति को लेकर समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई. बैठक में विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन और उनकी प्रगति का प्रखंडवार आकलन किया गया.
रबी फसल आच्छादन और बीज वितरण की समीक्षा
बैठक के दौरान फसल वर्ष 2025-26 में अब तक रबी फसल आच्छादन, बीज विनिमय एवं वितरण योजना के तहत रबी मौसम में बीज के उठाव और वितरण की स्थिति की समीक्षा की गई. इसके साथ ही बिरसा फसल विस्तार योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, सॉइल हेल्थ कार्ड के लिए नमूना संग्रह और विश्लेषण तथा राष्ट्रीय खाद्य एवं पोषण सुरक्षा मिशन से संबंधित अद्यतन प्रतिवेदन का प्रखंडवार अवलोकन किया गया.
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि कृषि आधारित योजनाओं का संचालन मौसम के अनुरूप सुनिश्चित किया जाए. इसके लिए कृषि विभाग के सभी जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी विशेष सतर्कता बरतेंगे. उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि आधारित रोजगार को बढ़ावा देना और किसानों की आजीविका को सशक्त बनाना इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य है.
गरमा फसलों के उत्पादन पर विशेष जोर
समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने जिला कृषि पदाधिकारी से गरमा मौसम में आच्छादित किए जाने वाले फसलों, जैसे गरमा मूंग और गरमा धान के पोषित क्षेत्र के संबंध में जानकारी प्राप्त की. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गरमा फसलों के उत्पादन में आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए पोषित क्षेत्रों में सिंचाई की वर्तमान स्थिति और आवश्यकताओं से संबंधित प्रस्ताव शीघ्र उपलब्ध कराएं.
बताया गया कि गरमा फसलें रबी और खरीफ के बीच मार्च से जून के दौरान उगाई जाती हैं और लगभग 60 से 90 दिनों में तैयार होकर किसानों को अच्छा लाभ प्रदान करती हैं.
सिंचाई व्यवस्था सुदृढ़ करने पर जोर
बैठक में यह भी बताया गया कि जिला प्रशासन द्वारा जिले में सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और आगामी वित्तीय वर्ष में इसे प्राथमिकता दी जाएगी.
इसके अलावा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत प्रति बूंद अधिक फसल (पीडीएमसी) परियोजना के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं को दूर करने के लिए भी उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.
बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी अमरजीत कुजूर, जिला उद्यान पदाधिकारी विश्वजीत सिन्हा, कनीय पौधा संरक्षण पदाधिकारी, उप परियोजना निदेशक, सहायक कृषि पदाधिकारी, सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी तथा प्रखंड तकनीकी प्रबंधक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे.

