
उदित वाणी, रांची : वन, पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन विभाग वन भूमि के अवैध हस्तांतरण, खेती के लिए जंगल उजाड़ने व सड़क किनारे दुकान खोलने की वजह से अतिक्रमण के मामले में जांच कर कार्रवाई करेगी. सरकारी दस्तावेजों के मुताबिक राज्य में करीब 50 हजार एकड़ वन भूमि पर अतिक्रमण कर अवैध कब्जा किया गया है.
यद्यपि वन विभाग का 32 हजार एकड़ जमीन पर ही अतिक्रमण का दावा है. नेशनल हाइवे पर हाल ही में बने कई रिसोर्ट और दुकानों द्वारा भी वन भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत मिली है. अब वन विभाग ने सभी क्षेत्रीय अधिकारियों से अतिक्रमित भूमि की रिपोर्ट मांगी है. विभाग द्वारा वन प्रबंधन समिति को मजबूत कर अतिक्रमण रोकने का भी निर्णय लिया गया है.
इसके लिए वन एवं पर्यावरण विभाग ने स्थानीय स्तर पर प्रबंधन समिति में सदस्यों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया है. इसमें वन क्षेत्र के गावों में रहने वाले निवासियों को शामिल किया जाएगा. वन प्रबंधन समिति को पौधरोपण और इसके संरक्षण से जोड़कर रोजगार के अवसर भी दिये जायेंगे.
इसके अलावा वन एवं पर्यावरण विभाग द्वारा अपना लैंडबैंक बनाया जायेगा. इसके लिए भी वन भूमि के अभिलेखों की सहायता ली जाएगी और इसका रिकॉर्ड रखा जाएगा. लैंडबैंक का उपयोग पौधरोपण के साथ संरचनात्मक विकास के लिए करने की योजना है.

