
उदित वाणी जमशेदपुर : वीर शहीद सांसद सुनील महतो एवं झारखंड आंदोलनकारी प्रभाकर महतो की शहादत दिवस के अवसर पर बुधवार को झारखंड आंदोलनकारी सह समाजसेवी आस्तिक महतो ने बाघुड़िया स्थित शहीद स्थल पर पहुंचकर पुष्पांजलि अर्पित की. उन्होंने दोनों आंदोलनकारी नेताओं को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया. इस अवसर पर पूर्व जिला पार्षद स्वपन कुमार महतो, अशोक महतो, मनोज सिंह, गोल्डी सिंह, रामनाथ महतो, गोबिंद, सरोज एवं अनिल सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे. मौके पर आस्तिक महतो ने कहा कि जमशेदपुर लोकसभा क्षेत्र में सुनील दा जैसा जनप्रतिनिधि न पहले कोई हुआ और न ही भविष्य में होना आसान है.
उन्होंने कहा कि 19 साल बाद आज वही संयोग है जब होली के दिन 4 मार्च को नक्सलियों ने सुनील दा और प्रभाकर महतो को हमसे छीन लिया. उन्होंने हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी करने एवं दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग सरकार से की है. आस्तिक महतो ने कहा कि सुनील दा गरीबों, मजदूरों, शोषितों, वंचितों, दलितों और अल्पसंख्यकों समेत समाज के हर वर्ग के बीच अत्यंत लोकप्रिय थे. उनका जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण का प्रतीक रहा है. उन्होंने कहा कि दोनों की शहादत झारखंड की जनता के लिए प्रेरणा का स्रोत है और उनके दिखाए मार्ग पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी. श्रद्धांजलि कार्यक्रम के तहत सोनारी स्थित निर्मल भवन, गम्हारिया के समाधि स्थल तथा गालूडीह चौक पर भी पहुंचकर लोगों ने पुष्प अर्पित कर वीर शहीदों को नमन किया.

