
उदित वाणी झारखंड : जामताड़ा पुलिस के लिए मंगलवार का दिन बड़ी कामयाबी लेकर आया। पुलिस ने एक ऐसे संगठित आपराधिक गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो जिले और आसपास के इलाकों में सुपारी किलिंग, लूट, डकैती, अपहरण और गोलीकांड जैसी गंभीर घटनाओं को अंजाम दे रहा था। इस कार्रवाई में गिरोह के 7 मोस्ट वांटेड अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस अधीक्षक राजकुमार मेहता ने अपने कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पुलिस ने तीन अलग-अलग मामलों का उद्भेदन किया है, जिनकी तारें एक ही गैंग से जुड़ी पाई गईं।
धर्मपुर गोलीकांड का खुलासा
एसपी ने जानकारी दी कि 22 फरवरी को नारायणपुर थाना क्षेत्र के धर्मपुर गांव में सुबह करीब 8 बजे हुए गोलीकांड में **पांच अपराधियों की गिरफ्तारी की गई है। गिरफ्तार आरोपियों में नारायणपुर थाना क्षेत्र के पोखरिया गांव के तीन, कुरुआ–कर्माटांड़ थाना क्षेत्र का एक और धर्मपुर गांव का एक अपराधी शामिल है।
पुलिस के अनुसार, इस हत्याकांड में आसिफ अंसारी उर्फ लंबू मुख्य आरोपी है। मृतक फुरकान अंसारी की रेकी धर्मपुर गांव के ही कुछ लोगों द्वारा की गई थी, जिनमें एक आरोपी की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
उड़ीसा लूटकांड और सीएसपी लूट से भी जुड़े तार
जांच में सामने आया है कि यही गिरोह उड़ीसा में हुए एक लूटकांड में भी शामिल था। इसके अलावा, कर्माटांड़ थाना क्षेत्र में सीएसपी संचालक से 20 हजार रुपये की लूट के मामले की कड़ियां भी इसी गिरोह से जुड़ी पाई गई हैं।
साइबर अपराधी की भूमिका और सुपारी नेटवर्क
इस पूरे नेटवर्क में एक साइबर अपराधी की भी अहम भूमिका सामने आई है, जो सुपारी देने वाले गिरोह को पैसे निकालकर उपलब्ध कराता था। फुरकान अंसारी की हत्या के लिए शूटरों को *एक-एक लाख रुपये* देने की बात तय हुई थी। पुलिस ने इस मामले में एक साइबर अपराधी को भी गिरफ्तार किया है, जिसके पास से *43,800 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
हथियार, वाहन और मोबाइल बरामद
गिरफ्तार अपराधियों के पास से पुलिस ने
* 7.65 बोर और 9 एमएम के देसी पिस्तौल, मैगजीन व गोलियां
* दो मोटरसाइकिल
* 8 एंड्रॉयड मोबाइल, 2 छोटे मबाइल
* तीन सिम कार्ड, एक एटीएम कार्ड और एक स्कूटी बरामद की है। पुलिस के अनुसार, सभी आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास भी सामने आया है।
छापेमारी दल और आगे की जांच
एसपी के निर्देश पर गठित विशेष छापेमारी दल ने यह कार्रवाई की। पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य संपर्कों और पुराने मामलों की भी *गहन जांच* जारी है। जामताड़ा पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में संगठित अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलतामाना जा रहा है।

