
उदित वाणी, जमशेदपुर: सदगुरु कबीर साहेब के परम शिष्य धनी धर्मदास जी साहेब के पावन अंतर्ध्यान दिवस पर सदगुरु कबीर धर्मदास वंशावली मिशन (झारखंड इकाई) ने श्रद्धा एवं सेवा भाव से भोग वितरण कार्यक्रम आयोजित किया।
धार्मिक परंपराओं के अनुसार विक्रम संवत 1569 फाल्गुन पूर्णिमा के तृतीय पहर, जै मुनि लग्न में सदगुरु कबीर साहेब ने ओडिशा प्रांत के समुद्र तट पर धनी धर्मदास जी को जीवित समाधि प्रदान की थी। वह पावन स्थल आज ‘सदगुरु कबीर चौरा’ के नाम से प्रसिद्ध है, जहाँ श्रद्धालु स्मरण करने आते हैं।
जरूरतमंदों के बीच भोग वितरण
पूर्वी सिंहभूम जिला प्रतिनिधि गोविंद साहू के नेतृत्व में साकची रामलीला मैदान सब्जी विक्रेता मंडी परिसर में जरूरतमंदों को भोग वितरित किया गया। झारखंड राज्य प्रतिनिधि महंत प्रकाश दास, राज्य सलाहकार महंत साहेब दास, सतेंद्र कुमार, अजय शर्मा, अनूप शर्मा, सुनील शर्मा, राहुल आनंद, अनछु प्रजापति, श्रुति कुमारी, आरोही कुमारी, अमोल, अवाल सहित अनेक सेवक उपस्थित रहे।
शांति व मानवता का संदेश
कार्यक्रम में संत परंपरा के आदर्श-सेवा, समर्पण और मानवता-को जन-जन तक पहुँचाने का संदेश दिया गया। वैश्विक युद्ध संकट के बीच शांति, प्रेम व भाईचारे के लिए सामूहिक प्रार्थना की गई। यह आयोजन मानवता के मूल्यों को मजबूत करने वाली प्रेरणादायी पहल सिद्ध हुआ।

