
उदित वाणी, सरायकेला-खरसावां : नेशनल जूनियर शतरंज चैंपियनशिप अपने निर्णायक चरण की ओर बढ़ते हुए रोमांचक मोड़ पर पहुंच गई है. सातवें दौर के मुकाबलों में बालक और बालिका दोनों वर्गों में शीर्ष वरीय खिलाड़ियों के बीच जबरदस्त रणनीतिक संघर्ष देखने को मिला. प्रतियोगिता का औपचारिक शुभारंभ रामकृष्णा फोर्जिंग्स लिमिटेड के मुख्य परिचालन अधिकारी (COO) श्री शक्ति प्रसाद सेनापति ने किया. उन्होंने खिलाड़ियों को अनुशासन, धैर्य और खेल भावना के साथ खेलने का संदेश दिया.
बालक वर्ग में अंतरराष्ट्रीय मास्टर्स का दबदबा
बालक वर्ग में इंटरनेशनल मास्टर्स ने अपने अनुभव और कौशल का शानदार प्रदर्शन किया.
गोवा के इंटरनेशनल मास्टर एथन वाज़ (रेटिंग 2500) ने असम के इंटरनेशनल मास्टर मयंक चक्रवर्ती (रेटिंग 2465) को पराजित कर 6.5 अंक हासिल किए. लंबे समय तक संतुलित चले इस मुकाबले में एथन की सटीक गणनाओं ने उन्हें अंततः जीत दिलाई.
आंध्र प्रदेश के इंटरनेशनल मास्टर मोहम्मद इमरान (रेटिंग 2473) ने पश्चिम बंगाल के सोहम रॉय (रेटिंग 2115) को हराकर 6 अंक पूरे किए. वहीं, तमिलनाडु के फाइड मास्टर अर्नव महेश्वरी (रेटिंग 2237) ने महाराष्ट्र के फाइड मास्टर जयवीर महेंद्रु (रेटिंग 2328) को पराजित कर शीर्ष तीन में अपनी दावेदारी मजबूत की.

अंक तालिका (बालक वर्ग, सातवें दौर के बाद):
1. गोवा के एथन वाज़ – 6.5 अंक
2. असम के मयंक चक्रवर्ती – 6 अंक
3. उत्तर प्रदेश के अर्नव अग्रवाल -6 अंक
बालिका वर्ग में संतुलित मुकाबले
बालिका वर्ग में सातवें दौर के मुकाबले बेहद संतुलित रहे, जहाँ अधिकतर शीर्ष बोर्डों पर खेल ड्रॉ पर समाप्त हुए.
उत्तर प्रदेश की विमेन फाइड मास्टर शुभी गुप्ता (रेटिंग 2259) और पश्चिम बंगाल की मृत्तिका मलिक (रेटिंग 2011) के बीच शीर्ष बोर्ड का मुकाबला ड्रॉ रहा. इस परिणाम के बाद शुभी गुप्ता 6.5 अंकों के साथ शीर्ष पर बनी हुई हैं.
दिल्ली की विमेन फाइड मास्टर साची जैन (रेटिंग 2080) ने तेलंगाना की एरीना इंटरनेशनल मास्टर शारण्य गाडे (रेटिंग 1950) को पराजित कर 6 अंक हासिल किए और शीर्ष तीन में प्रवेश किया. वहीं, आंध्र प्रदेश की विमेन कैंडिडेट मास्टर सर्व्याशी भीमरासेट्टी (रेटिंग 2005) और तेलंगाना की नरहरी गीतिका हसिनी (रेटिंग 1858) के बीच मुकाबला ड्रॉ रहा. दोनों खिलाड़ियों को 5.5 अंक मिले.
अंक तालिका (बालिका वर्ग, सातवें दौर के बाद):
1. उत्तर प्रदेश की शुभी गुप्ता – 6.5 अंक
2. पश्चिम बंगाल की मृत्तिका मलिक -6 अंक
3. दिल्ली की साची जैन – 6 अंक
निर्णायक दौर की ओर बढ़ती चैंपियनशिप
सातवें दौर के बाद खिताबी जंग और भी तेज हो गई है. अब प्रत्येक दौर के अंक निर्णायक साबित होंगे. शीर्ष वरीय खिलाड़ियों के लिए यह दौर रणनीति और मानसिक मजबूती की परीक्षा बन गया है. शतरंज प्रेमियों की निगाहें अब अगले दौर के मुकाबलों पर टिकी हैं, जो इस प्रतिष्ठित चैंपियनशिप की दिशा निर्धारित करेंगे.

