उदित वाणी, रांची : पश्चिमी सिंहभूम जिला कोल्हान की धरती पर आदिवासी हो महासभा द्वारा आहुत मांगे मिलन समारोह में कोल्हान रक्षा संघ को मुख्य अतिथि के रूप में बाजे गाजे पारंपरिक नृत्य से साथ मंचासिन कराया गया. जहां मुख्य अतिथि के तौर पर इसी इलाके कालेज में चालिस वर्ष पूर्व व्याख्याता रहे कालान्तर में बिहार व झारखंड सरकार के वरीय प्रशासनिक अधिकारी डिबार जोंकों ने स्रृजन नामक नोवा मूडी की संस्था के साथ इसकी अध्यक्षता की . जहां उन्होने आदिवासी हो भाषा , नृत्य संस्कृति संरक्षण जंगल में रह रहे लोगों की मूलभूत आवश्यकताओं एवं उनकी रोजी रोजगार पर वल दिया.
मनोहरपुर प्रखंड के मनीपुर हाथी गेट के सामने स्थित आमबगान पर आदिवासी हो समाज महासभा के तत्वावधान में आयोजित मागे मिलन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कोल्हान रक्षा संघ के अध्यक्ष डीबार जोंकों समेत मानसिंह हेंब्रम, रविंद्र मंडल, सुखदेव हेम्बरम समेत दर्जनाधिक लोगों ने इसमें शिरकत की . जहां आदिवासी परंपरा के तहत स्वगत करते हुए बालाओं द्वारा नाचते हुए उन्हें मंच पर ले गये . इस अवसर पर भगवान बिरसा मुंडा तथा हो भाषा के जनक लोकों बोदरा को एक एक कर सबने श्रद्धांजलि दी.

अपने अध्यक्षीय भाषण में डीबार जोंकों ने कहा कि जो लड़कियां इस मांगे मिलन समारोह पर नाच रही है इस नृत्य के पीछे हमरी वैभवशाली परंपरा में विज्ञान छुपा हुआ है . उन्होंने इसे अक्षुण बनाये रखने हेतु बल दिया . श्री जोंकों ने हो भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल कराने की मांग जोरदार तरीके से रखा . इसके अलावे संविधान वर्णित आर्टिकल 350ए के तहत प्रदत्त अधिकार को महफूज रखते हुए इलाके के हो भाषा , ओड़िआ भाषा एवं हर गांव के लोगों की भाषा अनुरूप शिक्षक देकर सर्वप्रथम मातृभाषा की संरक्षण पर वल दिया . कारण हो एवं ओड़िया दोनों ही द्वितीय राजभाषा रही है झारखंड की.
उन्होने मनोहरपुर चिड़िया माईस तरफ जा रही सड़क, नोवामुडी सड़क की स्थिति सुधारने तथा लोगों की रोजी रोजगार पर बल दिया . सचिव मानसिंह हेंब्रम जो भारतीय थल सेना के जवान रहे हैं उन्होंने लोगों को डर एवं भ्रम से सदैव दुर रहने तथा दिल्ली, बंगलोर की तरह हर व्यक्ति विशेष कर महिलाओं को आर्थिक रूप से सुदृढ़ होने पर बल दिया. कार्तिक परिच्छा ने सर्वप्रथम पाईक विद्रोह दिवस पर पोड़ाहाट राजा अर्जून सिंह के सेना में अंग्रेज के विरूद्ध लडने वाले हर आदिवासी वीरों का जीक्र कर उन्हें नमन किया . अपना संबोधन ओड़िया भाषा देते हुए महज 40 किलोमीटर दुर राउरकेला इस्पात शहर से इस इलाके तथा जिले मे आगामी जनगणना के समय अपनी भाषा ओडिय़ा बोल कर परिचय कराने की अपील की. साथ ही हो एवं अन्य भाषियों को अपना अपना भाषा पर परिचय रख संविधान की मर्यादा बढ़ाने पर बल दिया.
सुमित्रा जोंकों ने हो भाषा में अपना गाना गाकर सबक मन मोह लिया. इस अवसर पर मनोज कुमार चंपिया, नीम लुगून, अमरजीत लागुरी, सुमित बालमुचू, मोटाय तियू, मार्शल गुड़िया, बालकृष्ण हेम्बरम,बलराम सूरिन ,गुरू बारी देवगम,अशोक बाहदा, सुखदेव हेम्बरम, रविंद्र मंडल, अधिवक्ता पुनम हेंब्रम, जयसिंह हेंब्रम, सुमित्रा जोंकों , कार्तिक परिच्छा समेत दस हजार की भीड़ मांगे मिलन में उपस्थित थे.


