उदित वाणी, चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम पुलिस ने वाहन चोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरजिला बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे और निशानदेही पर 20 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। बरामद वाहनों में एक्टिवा, पल्सर, स्प्लेंडर, आर15, एफजेड समेत कई लोकप्रिय मॉडल शामिल हैं।
मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में विनीत कुमार किंडो ने बताया कि 1 जून को सूचना मिली थी कि नोवामुंडी क्षेत्र में चोरी की मोटरसाइकिलों की खरीद-बिक्री की जा रही है। सूचना के आधार पर नोवामुंडी, किरीबुरू, बड़ा जामदा और जमशेदपुर पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर छापेमारी अभियान चलाया गया।
छापेमारी के दौरान डुकासाई गांव से सोनू लोहरा उर्फ भोला को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में मिले सुराग के आधार पर पुलिस ने राज पूर्ति को भी धर दबोचा। दोनों आरोपियों की निशानदेही पर विभिन्न स्थानों पर छिपाकर रखी गईं 20 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गईं।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि गिरोह के सदस्य चोरी की गई बाइकों को ग्रामीण और सुनसान इलाकों में छिपाकर रखते थे तथा बाद में उन्हें कम कीमत पर बेच देते थे। पुलिस को आशंका है कि बरामद वाहन झारखंड के अलावा ओडिशा के विभिन्न क्षेत्रों से भी चोरी किए गए हैं। मामले में गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी के वाहनों के खरीददारों की तलाश जारी है।
गिरफ्तार आरोपी
सोनू लोहरा उर्फ भोला, निवासी बिरसानगर, जमशेदपुर राज पूर्ति, निवासी टोटोंगड़ा, छोटानागरा, पश्चिमी सिंहभूम
बरामद वाहनों में शामिल हैं होंडा एक्टिवा, बजाज पल्सर एनएस-200, हीरो सुपर स्प्लेंडर, यामाहा आर15, यामाहा एफजेड, हीरो ग्लैमर, हीरो सीबीजेड, एचएफ डीलक्स, होंडा सीबी शाइन, यामाहा फेजर, यामाहा फसिनो, होंडा एविएटर और हीरो स्प्लेंडर प्लस समेत कुल 20 वाहन।
पश्चिमी सिंहभूम पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि जिनकी मोटरसाइकिल हाल के दिनों में चोरी हुई है, वे बरामद वाहनों की सूची देखकर अपनी गाड़ी की पहचान करें और आवश्यक दस्तावेजों के साथ संबंधित थाना या पुलिस कार्यालय से संपर्क करें। सत्यापन के बाद वाहन मालिकों को उनकी मोटरसाइकिल वापस सौंपने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।


