
उदितवाणी, जमशेदपुर: काफी जद्दोजहद के बाद अस्तित्व में आई टाटा कमिंस कर्मचारी यूनियन अब तक कर्मचारियों का ग्रेड नहीं करा पाई है. छह माह पहले यूनियन बनने के बाद से ही कहा जा रहा है कि आज कल में ग्रेड हो जाएगा.
पहले बोनस के पहले ग्रेड की बात हो रही थी. लेकिन बाद में कहा गया कि बोनस के बाद ग्रेड समझौता हो जाएगा. अब बोनस समझौते हुए भी दो माह हो गये, लेकिन अभी तक कर्मचारियों का ग्रेड समझौता नहीं हो पाया है. वैसे सूत्रों का कहना है कि प्रबंधन और यूनियन में पहले ही ग्रेड पर सहमति बन चुकी है, इसे सार्वजनिक करने के लिए माकूल समय का इंतजार हो रहा है.
उल्लेखनीय है कि कंपनी के कर्मचारियों का ग्रेड एक अप्रैल 2022 से लंबित है, जबकि टाटा मोटर्स ने इस बार समय से ग्रेड समझौता कर लिया है.
यूनियन वार्ड रजिस्ट्रेशन के मुद्दे को बता रही देरी की वजह
टाटा कमिंस के कर्मचारियों का कहना है कि देरी की वजह यूनियन से पूछने पर जवाब मिलता है कि अभी वार्ड रजिस्ट्रेशन को लेकर बात चल रही है. लेकिन इसके पहले के ग्रेड में ही वार्ड रजिस्ट्रेशन पर सहमति बन गई थी.
यूनियन ने सेंट्रल इम्प्लायमेंट ब्यूरो (सीईबी) के जरिए वार्ड रजिस्ट्रेशन की मांग की थी, ताकि उन्हें टाटा कमिंस समेत टाटा मोटर्स में भी नौकरी का अवसर मिल सके. लेकिन कमिंस प्रबंध ने सीईबी के जरिए वार्ड रजिस्ट्रेशन की मांग को नकारते हुए कहा कि टाटा कमिंस एक परफॉर्मेंस ओरिएंटेड कंपनी है और उन्हीं कर्मियों को नॉकरी पर रखा जाएगा, जो उस काम के लिए फिट होंगे.
इसके बाद कंपनी ने अपने एसोसिएट केटेगरी की वेकेंसी के लिए यूनियन के साथ एक समझौता किया, जिसमें यह सहमति बनी कि टाटा कमिंस में एसोसिएट केटेगरी में होने वाली वेकेंसी में कर्मचारियों के एक वार्ड (पुत्र या पुत्री) का रजिस्ट्रेशन होगा.
तो क्या ग्रेड की अवधि है देरी की वजह
सूत्रों का कहना है कि टाटा कमिंस में भी ग्रेड की अवधि को बढ़ाने पर विचार चल रहा है. टाटा मोटर्स की तर्ज पर कम से कम ग्रेड की अवधि का चार साल करने पर बात हो रही है. फिलहाल तीन साल ग्रेड का कार्यकाल है. यूनियन की कोशिश है कि ग्रेड की अवधि को बढ़ाने के एवज में कर्मचारियों को कुछ सुविधाएं बढ़ाई जाय, ताकि कर्मचारियों में असंतोष नहीं फैले.

