
उदित वाणी, रांची : आजसू सुप्रीमो सह पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो उग्रवादी संगठन पीएलएफआई की हिटलिस्ट में है. लेकिन अबतक पीएलएफआई की सुदेश को मारने की योजना को पुलिस संयोगवश विफल करती रही है. खुफिया एजेंसियों ने ही सुदेश महतो को जान से मारने की पीएलएफआई की साजिश का सनसनीखेज खुलासा किया है. बताया गया कि पीएलएफआई द्वारा सुदेश को जान से मारने की जिम्मेदारी दो दिन पहले गुमला में पुलिस एनकाउंटर में मारे गये 15 लाख के इनामी नक्सली मार्टिन केरकेट्टा को दी गई थी. पुलिस की गिरफत में आया नक्सली तिलकेश्वर गोप ने पूछताछ में उक्त साजिश का खुलासा किया है. गोप ने पुलिस को बताया कि 25 जनवरी 2023 को सुदेश महतो की जान से मारने को लेकर रांची के जोन्हा जंगल में पीएलएुआई के बड़े नक्सली कमांडरों की एक गुप्त बैठक हुई थी. बैठक में मार्टिन केरकेट्टा, तिलकेश्वर गोप, सूरज गोप और मोटू भी शामिल थे.
बैठक के दौरान तय किया गया कि झारखंड की राजनीति में प्रभावशाली चेहरों में से एक सुदेश महतो को मिटा देना है. बताया गया कि इससे पहले भी सुदेश को मारने की साजिश रची गई थी. बर्ष 2014 में सुदेश महतो को जनवरी और फरवरी महीने में दो बार मारने की कोशिश हुई थी. लेकिन नक्सली इसमें विफल रहे. उस समय भी इस मामले को लेकर कई नक्सली गिरफ्तार हुए थे. गिरफ्तार आरोपियों में पीएलएफआइ के रांची पूर्वी का जोनल कमाडर प्रशांत जी उर्फ जीतन पातर मुंडा व संजय पातर मुंडा शामिल थे. गिरफतार उग्रवादियों ने पुलिस की पूछताछ में बताया था कि सुदेश महतो की हत्या का पहला प्रयास 27 और 28 जनवरी 2014 को सिल्ली में आयोजित प्रतिभा दर्शन महोत्सव के दौरान किया जाना था.
दोनों दिन जीतन पातर मुंडा उर्फ प्रशांत अपने साथ एक काले बैग में शक्तिशाली टाइमर बम लेकर पहुंचा था और सुदेश के साथ वह मंच पर पर भी चढ़ गया था. लेकिन बम का साइज बड़ा होने के कारण बम को कहीं लगा नहीं पाया. बाद में इस बम को रांची पुलिस ने सोनाहातू में डिफ्यूज किया था. लगातार दो दिनों के असफल प्रयास के बाद उसने दूसरी योजना पर काम करना शुरू किया. दूसरा प्रयास 26 फरवरी को किया जाना था. इस दिन शाम को सुदेश जोन्हा में एक शादी समारोह में शामिल होने वाले थे. जैसे ही उनके अंगरक्षक भोजन करने जाते सुदेश पर हमला किया जाना था परंतु इस घटना के एक घंटे पहले ही उग्रवादियों को अनगड़ा पुलिस ने पकड़ लिया था.
उग्रवादियों के हिटलिस्ट में रखने की उच्चस्तरीय जांच व सुदेश की सुरक्षा की नए सिरे से समीक्षा हो-आजसू
इधर पुलिस के इस खुलासे के बाद आजसू ने पार्टी प्रमुख सुदेश महतो का नाम उग्रवादियों द्वारा हिटलिस्ट में रखने की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा उनकी सुरक्षा की नए सिरे से समीक्षा करने की मांग की है. पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण प्रभाकर एवं हसन अंसारी ने प्रेसवार्ता में कहा कि बार- बार उग्रवादियों द्वारा सुदेश महतो की हत्या की साजिश की जानकारी सामने आ रही है. लेकिन इसके कारणों का अभी तक पुलिस द्वारा खुलासा नहीं किया गया है.
इस संबंध में शीघ्र ही पार्टी नेता राज्य के मुख्यसचिव, गृहसचिव और डीजीपी से मिलकर ज्ञापन सौंपेंगे. उन्होंने कहा कि इस बात का खुलासा होना चाहिए कि सुदेश महतो उग्रवादियों के निशाने पर क्यों है. पार्टी ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार सुदेश महतो की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है. हसन अंसारी ने कहा कि इससे पूर्व किसी राजनेता द्वारा सुदेश महतो की हत्या के लिए उग्रवादियों को 5 करोड़ रुपयों की सुपारी देने की बात भी सामने आ चुकी है. इस बात का खुलासा होना चाहिए कि बार-बार किस कारण से सुदेश की हत्या की साजिश रची जा रही है और इस साजिश के पीछे कौन है.
वहीं प्रवीण प्रभाकर ने कहा कि बर्ष 2005 में सिल्ली से पोगड़ा जाने के रास्ते में केन बम लगाने की साजिश का खुलासा हुआ था. बर्ष 2013 में पीएलएफआई कमांडर जीदन गुड़िया द्वारा किसी राजनेता से 5 करोड़ की सुपारी लेन की बात कही गई थी. जिसके बाद 27 एवं 28 जनवरी 2014 को सिल्ली प्रतिभा महोत्सव में टाइम बम लगाकर हमले का प्रयास किया था. आजसू नेताओं ने मांग करते हुए कहा कि पूर्व मंत्री एवं पार्टी के प्रधान महासचिव रामचंद्र सहिस की भी सुरक्षा वापस ले ली गई है. जिसे तुरंत वापस किया जाय.
आजसू पार्टी आज राज्यव्यापी निर्मल महतो शहादत दिवस मनायेगी
शहीद निर्मल महतो के शहादत दिवस पर आजसू पार्टी राज्यभर में श्रद्धांजलि देगी. पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो 8 अगस्त को प्रातः 9 बजे रांची के जेल मोड़ स्थित शहीद निर्मल महतो चौक पर माल्यार्पण करेंगे. इसके बाद वहीं संकल्प सभा का भी आयोजन किया जायेगा. जबकि पार्टी द्वारा मुख्य कार्यक्रम का आयोजन जमशेदपुर स्थित तुलसी भवन में दोपहर 1 बजे से किया जायेगा.

