
उदित वाणी, जुगसलाई: राजस्थान शिव मंदिर, जुगसलाई में चल रहे अष्ट दिवसीय शिव महापुराण कथातोत्सव के पंचम दिवस पर मुख्य यजमान रमेश अग्रवाल मेंगोतिया द्वारा पूजन के बाद व्यासपीठ की पूजा पवन काबरा ने की. कार्यक्रम की शुरुआत रुद्राक्ष स्तोत्र और द्वादश ज्योतिर्लिंग पाठ से हुई.
कथा वाचक विनय कांत त्रिपाठी ने बताया कि जिस दिन शिवलिंग प्रकट हुए, वही दिन प्रदोष कहलाता है. उन्होंने कहा कि सोमवार का व्रत केवल सौभाग्यवती महिलाएं रखें. त्रिकाल संध्या, ब्रह्म मुहूर्त में पूजा और एकादशी व्रत के महत्व को भी बताया गया. माता पार्वती के विवाह और विदाई के प्रसंग को भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया गया.

कथा में भगवान गणेश और कार्तिकेय के जन्म व जीवन चरित्र का विस्तार से वर्णन किया गया. आचार्य ने कहा कि संस्कार विद्यालयों से नहीं, कथाओं से मिलते हैं और चिंता के स्थान पर चिंतन करना चाहिए.
कथातोत्सव की सफलता में छीतरमल धूत, अरुण अग्रवाल, दीपक अग्रवाल रामूका, सांवर लाल शर्मा, पवन काबरा, मनोज केडिया, विश्वनाथ शर्मा, पवन सिंगोदिया आदि का योगदान रहा.
इस अवसर पर कुमुद अग्रवाल मेंगोतिया, गोविन्द दोदराजका, शकुन बजाज, सुशीला सावा, संतोष धूत, रतनलाल अग्रवाल, विनोद पारीक सहित कई श्रद्धालु उपस्थित थे.

