उदित वाणी, रांची/जमशेदपुर: अत्याधुनिक तकनीक के क्षेत्र में झारखंड के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में केंद्र और राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय के तहत प्रशिक्षण महानिदेशालय (DGT) ने झारखंड के छह सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) में ‘ड्रोन तकनीशियन’ पाठ्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है।
राज्यसभा में 25 मार्च 2026 को प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य उभरते हुए ड्रोन सेक्टर में एक कुशल कार्यबल तैयार करना है। केंद्र सरकार के ‘कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय’ (MSDE) के तहत झारखंड के 6 सरकारी आईटीआई (ITI) संस्थानों में ‘ड्रोन तकनीशियन’ कोर्स की घोषणा और सीटों का आवंटन आधिकारिक तौर पर साझा किया गया है। इन संस्थानों में देवघर, गोविंदपुर (धनबाद), कोडरमा, मधुपुर, खूंटी और रांची (राजकीय आईटीआई) शामिल हैं।
झारखंड के इन संस्थानों में मिलेगी ट्रेनिंग
झारखंड के अलग-अलग जिलों के छह संस्थानों का चयन इस विशेष प्रशिक्षण के लिए किया गया है। प्रत्येक संस्थान में 24 सीटें आवंटित की गई हैं:
1. राजकीय आईटीआई, देवघर
2. राजकीय आईटीआई, गोविंदपुर (धनबाद)
3. राजकीय आईटीआई, लोकाई (कोडरमा)
4. राजकीय आईटीआई, मधुपुर (देवघर)
5. महिला राजकीय आईटीआई, खूंटी
6. राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (सामान्य)
‘ड्रोन सखी योजना’ और महिंद्रा के साथ करार
ड्रोन तकनीक को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि से जोड़ने के लिए सरकार ने प्रधानमंत्री “ड्रोन सखी योजना” को सुदृढ़ किया है। इसके तहत DGT ने महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह कार्यक्रम कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय और ग्रामीण विकास मंत्रालय के समन्वय से चलाया जा रहा है, जिससे महिलाओं और किसानों को ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण देकर सशक्त बनाया जा सके।
तकनीकी कौशल के साथ ‘पायलट’ बनने का मौका प्रशिक्षण महानिदेशालय ने देशभर में दो मुख्य पाठ्यक्रम शुरू किए हैं: ड्रोन तकनीशियन: इसमें ड्रोन की मरम्मत और रखरखाव सिखाया जाएगा।
ड्रोन प्रायोगिक (कनिष्ठ): इसमें ड्रोन उड़ाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
हैदराबाद स्थित राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (NSTI) को महानिदेशक नागरिक उड्डयन (DGCA) द्वारा आधिकारिक तौर पर प्रशिक्षण संगठन के रूप में मान्यता दी गई है, जो इस पूरे अभियान के लिए तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करेगा।
रोजगार के बढ़ेंगे अवसर
विशेषज्ञों का मानना है कि कृषि, निगरानी, और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में ड्रोन की बढ़ती मांग को देखते हुए झारखंड के युवाओं के लिए यह कोर्स मील का पत्थर साबित होगा। खास तौर पर खूंटी जैसे क्षेत्रों में महिला आईटीआई के शामिल होने से ग्रामीण महिलाएं भी नई तकनीक से जुड़ सकेंगी।


