
उदित वाणी, चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले की खेल प्रतिभाओं को तराशने और खेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। समाहरणालय स्थित सभागार में जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त चंदन कुमार की अध्यक्षता में आयोजित जिला खेल संचालन समिति की बैठक में जिले के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में खेल सुविधाओं के विस्तार पर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
मंझारी और गुदड़ी में स्टेडियम निर्माण को मंजूरी
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय जिले के ग्रामीण और सुदूरवर्ती क्षेत्रों में खेल के मैदानों का उन्नयन रहा। समिति ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि मंझारी और अत्यंत सुदूरवर्ती गुदड़ी स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय के मैदानों को अत्याधुनिक स्टेडियम के रूप में विकसित किया जाएगा। इस पहल से इन क्षेत्रों के उभरते खिलाड़ियों को अपने ही इलाके में पेशेवर अभ्यास का अवसर मिल सकेगा।
प्रशिक्षण संस्थानों का सुदृढ़ीकरण
उपायुक्त ने जिले में वर्तमान में संचालित फुटबॉल एवं तीरंदाजी (Archery) के डे-बोर्डिंग प्रशिक्षण संस्थानों और आवासीय प्रशिक्षण केंद्रों की समीक्षा की। उन्होंने इन केंद्रों पर उपलब्ध संसाधनों और भविष्य की आवश्यकताओं पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि:
खिलाड़ियों को मिल रही सुविधाओं में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए।
आवश्यक संसाधनों की सूची और नई आधारभूत संरचनाओं के निर्माण के लिए जल्द से जल्द प्राक्कलन (Estimate) तैयार किया जाए।
केंद्रों पर खिलाड़ियों के लिए उचित आहार, उपकरण और कोचिंग की विश्वस्तरीय व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन
बैठक के दौरान खेल व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए नई रणनीतियों पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य पश्चिमी सिंहभूम को राज्य के स्पोर्ट्स हब के रूप में विकसित करना है, ताकि यहाँ के प्रतिभावान खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन कर सकें।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी सुनीला खलको, जिला शिक्षा पदाधिकारी टोनी प्रेमराज टोप्पो, जिला खेल पदाधिकारी मारकस हेंब्रम सहित खेल संचालन समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

