
उदित वाणी, जमशेदपुर: टाटा स्टील फाउंडेशन की ओर से शनिवार को रवीन्द्र भवन साकची में चार दिवसीय भारतीय शास्त्रीय नृत्य कार्यशाला नृत्योत्सव का उद्घाटन हुआ. टाटा स्टील के वाइस प्रेसीडेंट, रॉ मेटेरियल्स, डीबी सुंदर रामम ने कार्यशाला का उदघाटन किया.
6 जून तक चलने वाली इस कार्यशाला में 450 से अधिक छात्र-छात्राएं भाग ले रहे हैं. उद्घाटन समारोह के दौरान डी बी सुंदरा रामम, वाइस प्रेसीडेंट, रॉ मेटेरियल्स, टाटा स्टील ने कहा कि सांस्कृतिक रूप से समृद्ध होना हमारे लिए सौभाग्य की बात है और हमारी जड़ें ही हमारी पहचान हैं.
मैं सभी प्रतिभागियों को भारतीय शास्त्रीय नृत्य रूपों पर इस कार्यशाला का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहूंगा. टाटा स्टील फाउंडेशन के शहरी सेवा प्रमुख जिरेन टोप्नो ने कहा कि भारत के शास्त्रीय नृत्य, नर्तकों में अनुशासन और ध्यान केंद्रित करते हैं.
टाटा स्टील फाउंडेशन की परिकल्पना है कि जमशेदपुर के बच्चे शास्त्रीय नृत्य को अपनी प्राथमिक पाठ्येतर गतिविधि के रूप में अपनाए, जिससे उन्हें अपने जीवन में अधिक ध्यान और अनुशासन प्राप्त करने में मदद मिलेगी. नृत्य कार्यशाला का आयोजन कला उद्यान के सहयोग से किया जा रहा है, जो भारतीय शास्त्रीय नृत्य रूपों और संगीत में युवाओं को प्रशिक्षित करने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है. कार्यशाला में चार प्रमुख भारतीय नृत्य रूपों में प्रशिक्षण शामिल होगा. ये हैं- भरतनाट्यम, कथक, मणिपुरी और ओडिसी.
टाटा स्टील ऐसी पहल को प्रोत्साहित करता है
कई वर्षों से टाटा स्टील फाउंडेशन समुदाय के लिए कक्षाओं और कार्यशालाओं का प्रचार और आयोजन कर रहा है. भारतीय शास्त्रीय नृत्य रूपों और संगीत को संरक्षित और बढ़ावा देने के लिए टाटा स्टील फाउंडेशन हर साल कई प्रतियोगिताओं, उत्सवों और कार्यशालाओं का आयोजन करता रहा है.
‘नृत्योत्सव’ ऐसी ही एक पहल है जिसे जमशेदपुर के युवाओं को भारत भर के विशेषज्ञों से नृत्य और संगीत सीखने के लिए एक मंच प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है.


