
उदित वाणी, जमशेदपुर : लौहनगरी में आज, 15 अप्रैल 2026 को बंगाली नववर्ष ‘पोइला बैसाख’ पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है. शहर के मानगो, साकची, बिष्टुपुर, कदमा और टेल्को सहित तमाम इलाकों में सुबह से ही उत्सव का माहौल है. लोग नए वस्त्र धारण कर एक-दूसरे को नववर्ष की शुभकामनाएं दे रहे हैं.
धार्मिक अनुष्ठान और ‘हाल खाता’ की परंपरा
नववर्ष के इस पावन अवसर पर शहर के मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं:
• बेल्डीह कालीबाड़ी: यहाँ तड़के 4 बजे से ही विशेष पूजा-अर्चना शुरू हो गई है. शाम को मंदिर परिसर में धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा.
• हाल खाता: व्यापारियों ने आज अपने पुराने खातों को बंद कर नए बही-खातों (हाल खाता) की शुरुआत की है. इस मौके पर ग्राहकों को आमंत्रित कर मिठाई खिलाने की गौरवशाली परंपरा निभाई जा रही है.
पारंपरिक व्यंजनों का आनंद
पोइला बैसाख के अवसर पर बंगाली परिवारों में पांता भात, हिल्सा मछली और छेने की मिठाइयों जैसे पारंपरिक पकवानों का आनंद लिया जा रहा है. शहर के विभिन्न क्लबों और संस्थाओं में प्रभात फेरी और कविता पाठ के जरिए बंगाल की समृद्ध विरासत को जीवंत किया जा रहा है.
सोनारी तरुण संघ का 69वां स्थापना दिवस:
सोनारी तरुण संघ आज अपना 69वां स्थापना दिवस और ‘बोर्शोबरोन-1433’ बेहद भव्य तरीके से मना रहा है:
मुख्य अतिथि: श्रीलेदर्स के निदेशक और समाजसेवी शेखर डे शाम 7:30 बजे दीप प्रज्वलित कर समारोह का उद्घाटन करेंगे.
सांस्कृतिक संध्या: कोलकाता की सुप्रसिद्ध गायिका सोमदत्ता बनर्जी रात 8 बजे से अपनी मधुर आवाज से संगीत का जादू बिखेरेंगी. इसके बाद सामूहिक प्रीतिभोज का आयोजन होगा.
रवींद्र भवन में कल सजेगी ‘बोरशो बोरॉन’ की महफिल:
टैगोर सोसाइटी द्वारा बंगाली नववर्ष के उपलक्ष्य में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम “बोरशो बोरॉन” का आयोजन किया जा रहा है. यह कार्यक्रम कल, 16 अप्रैल 2026 (गुरुवार) को साकची स्थित रवींद्र भवन के रवींद्र कलामंदिर में शाम 6:30 बजे से आयोजित होगा.
यह पूरा कार्यक्रम विश्वकवि रवींद्रनाथ टैगोर की कालजयी रचनाओं पर आधारित होगा. ‘बोरशो बोरॉन’ के माध्यम से बंगाली नववर्ष का स्वागत गीतों, नृत्यों और कविताओं के मधुर संगम से किया जाएगा.
मिलानी क्लब में 19 अप्रैल को मनेगा जश्न:
बिष्टुपुर स्थित मिलानी क्लब में नववर्ष का मुख्य सांस्कृतिक समारोह 19 अप्रैल को आयोजित होगा. इसमें कोलकाता के कलाकारों द्वारा संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियां दी जाएंगी, साथ ही समाज की विशिष्ट विभूतियों को सम्मानित भी किया जाएगा.

