पटमदा: पटमदा प्रखंड के पश्चिम बंगाल सीमावर्ती ओड़िया पंचायत अंतर्गत कांकु गांव में पेयजल की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। गांव के चापाकलों से पानी निकलना बंद हो जाने के कारण करीब 120 आदिवासी परिवारों के सामने पीने के पानी का संकट खड़ा हो गया है।
स्थिति यह है कि ग्रामीणों को गांव से लगभग एक किलोमीटर दूर खेत में बने डोभा (सिंचाई गड्ढे) से पानी लाकर अपनी प्यास बुझानी पड़ रही है। महिलाओं को दूर-दराज से पानी ढोना पड़ रहा है, जिससे उन्हें भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, जलस्तर नीचे जाने के कारण गांव के दो चापाकल और एक सोलर संचालित जलमीनार पिछले चार दिनों से लगभग ठप पड़े हैं। काफी देर तक हैंडल चलाने के बाद भी मुश्किल से एक बाल्टी पानी निकल पा रहा है।
गांव के श्याम चरण हांसदा, महकी बेसरा, रातुली टुडू, सुकुरमनी मुर्मू और आरती मुर्मू ने बताया कि हाल की बारिश के कारण डोभा का पानी भी दूषित हो गया है। उसमें कीड़े-मकोड़े तैरते रहते हैं, जिससे डायरिया और पेट संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इसके बावजूद ग्रामीण मजबूरी में वही पानी पीने को विवश हैं। ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या की सूचना जल सहिया और मुखिया को दी गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। इससे विभाग के प्रति लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि चापाकलों में नया पाइप लगा दिया जाए तो पानी की आपूर्ति फिर से शुरू हो सकती है और गांव की पेयजल समस्या का समाधान हो जाएगा।
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Jamshedpur Rural Water Crisis: कांकु गांव में पेयजल संकट गहराया, 120 आदिवासी परिवार डोभा के पानी पर निर्भर
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