
उदित वाणी, जमशेदपुर: प्रमंडलीय आयुक्त मनोज कुमार ने निवर्तमान कोल्हान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. गंगाधर पंडा से विश्वविद्यालय के नए प्रभारी कुलपति के रूप में प्रभार ग्रहण किया.
मालूम हो कोल्हान विश्वविद्यालय के निवर्तमान कुलपति डॉ गंगाधर पंडा का कार्यकाल 27 मई को पूरा हो गया. मौके पर प्रमंडलीय आयुक्त-सह-कुलपति कोल्हान विश्वविद्यालय मनोज कुमार ने कहा कि अपने कार्यकाल दौरान हमेशा छात्रहित को ध्यान में रखते हुए दायित्व का निर्वहन करेंग.
प्रभार ग्रहण के उपरांत निवर्तमान कुलपति डॉ गंगाधर पंडा और प्रति कुलपति कामिनी कुमार का विदाई-सह-सम्मान समारोह का आयोजन किया गया.
जिसमें प्रमंडलीय आयुक्त-सह-कुलपति कोल्हान विश्वविद्यालय के द्वारा प्रो. गंगाधर पंडा और कामिनी कुमार को पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया. मौके पर उन्होंने कहा कि प्रो. गंगाधर पंडा के कार्यकाल को विश्वविद्यालय सदैव याद रखेगा. उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त होना एक प्रक्रिया है. जिससे नौकरीपेश व्यक्ति को एक ना एक दिन गुजारना पड़ता है.
उन्होंने कहा कि अब डॉ पंडा समाज के लिए और भी बेहतर तरीके से बिना किसी नियम और बंधन के कार्य कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि प्रो. पंडा ज्ञान के अनंत सागर की तरह है. जिनसे हमसब ने सीखने का कार्य किया है.
उन्होंने प्रो. पंडा और कामिनी कुमार के स्वास्थ्य और उज्जवल भविष्य की कामना की है. प्रमंडलीय आयुक्त सह कुलपति ने विश्वविद्यालय के सभी पदाधिकारी, प्रोफेसर और शिक्षकों को निर्देशित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के कार्यों को प्राथमिकता के साथ ससमय पूर्ण करगें.
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए नियमित कक्षाओं पर रहेगा जोर: आयुक्त
कोल्हान विश्वविद्यालय सत्र छह-छह महीने विलंब से चल रहे हैं. छात्रों के लिए यह बड़ी समस्या है. शुक्रवार को कोल्हान आयुक्त मनोज कुमार को कुलपति का प्रभार सौंपे जाने की अधिसूचना जारी होने के बाद प्राथमिकताओं के बारे बात करते हुए आयुक्त ने कहा कि उन्होंने कोल्हान विवि की समस्याओं का अध्ययन किया है.
विवि में सत्र का विलंबित होना बड़ी समस्या है. उनकी प्राथमिकता विलंबित सत्र को ट्रैक पर लाने की होगी. वे शनिवार को कुलपति का प्रभार संभालेंगे.
उन्होंने कहा कि केयू में सत्र नियमित हो जाएंगे, तो आधी समस्या समाप्त हो जाएगी. इसके लिए परीक्षा विभाग के साथ बैठक कर रणनीति बनाई जाएगी. इसके अलावा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना भी प्राथमिकता सूची में है. विश्वविद्यालय में नियमित कक्षाओं के संचालन को सुनिश्चित किया जाएगा। इसकी निगरानी की जाएगी.
यह कोशिश होगी कि शिक्षा के नाम पर सिर्फ डिग्री न बंटे, बल्कि ऐसे विद्यार्थियों को तैयार किया जाए जो राष्ट्र निर्माण में भागीदारी सुनिश्चित करें. विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ जिम्मेदार नागरिक बनाने की कोशिश होगी.
उनकी शिक्षा में सोशल वैल्यू पर फोकस किया जाएगा. नई शिक्षा नीति पर इसमें जोर दिया गया है. नई शिक्षा नीति को लागू करने की दिशा में हर संभव प्रयास किया जाएगा.


