
उदित वाणी,जमशेदपुर: खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव का असर अब स्थानीय स्तर पर भी दिखने लगा है। शहर में पहले से रसोई गैस की किल्लत झेल रहे लोगों के बीच अब पेट्रोल और डीजल की संभावित कमी को लेकर चिंता बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार तेल कंपनियों ने पेट्रोल पंप संचालकों को उधार पर ईंधन देना बंद कर दिया है। अब संचालकों को या तो अग्रिम भुगतान करना होगा या तत्काल भुगतान के आधार पर ही पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति मिलेगी। इस निर्णय से उन पेट्रोल पंप संचालकों को ज्यादा परेशानी हो रही है, जिनका कारोबार अब तक उधार व्यवस्था पर निर्भर था।
व्यापारियों का मानना है कि इस व्यवस्था के कारण ईंधन उठाव में बाधा आ सकती है, जिससे आने वाले दिनों में पेट्रोल पंपों पर आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है। यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो शहर में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखने को मिल सकती हैं।
पेट्रोल पंप संचालक नंद सिंह ने बताया कि फिलहाल आपूर्ति पूरी तरह बंद नहीं हुई है, लेकिन उधार व्यवस्था खत्म होने से कुछ संचालकों को आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है।
चांडिल में सीमित सप्लाई से बढ़ी परेशानी
चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में पहले से जारी रसोई गैस संकट के बीच अब ईंधन की कमी के संकेत भी मिलने लगे हैं। बीते कुछ दिनों से गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
इसी बीच ईचागढ़, चौका और चांडिल थाना क्षेत्र के कई पेट्रोल पंपों पर ईंधन की सीमित उपलब्धता ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। पंप कर्मी सीमित स्टॉक का हवाला देते हुए निर्धारित मात्रा से अधिक ईंधन देने से मना कर रहे हैं।
इससे वाहन चालकों में असंतोष बढ़ रहा है और कुछ स्थानों पर तनाव की स्थिति भी बन रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अचानक उत्पन्न इस संकट से जनजीवन प्रभावित हो रहा है।क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि ईंधन आपूर्ति में आई कमी के कारणों की जांच कर जल्द से जल्द स्थिति सामान्य की जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।

