
उदित वाणी, जमशेदपुर: नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के अवसर पर लोयोला स्कूल में 25 और 26 मार्च 2026 को कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए दो दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम और अभिभावक बैठक का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में अभिभावकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और विद्यालय प्रबंधन की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जो शिक्षा में सामूहिक सहयोग की भावना को दर्शाता है.

गरिमामय और प्रेरणादायक शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत सभी अतिथियों के स्वागत के साथ हुई, जिसके बाद विद्यालय के कोयर द्वारा प्रार्थना गीत प्रस्तुत किया गया. इस अवसर पर विद्यालय की इग्नेशियन परंपरा का उल्लेख करते हुए शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ चरित्र निर्माण और सेवा भाव पर विशेष जोर दिया गया.
प्रधानाचार्य ने साझा किया दृष्टिकोण
विद्यालय के प्रधानाचार्य रेवरेन्ड फादर विनोद फर्नांडिस ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को समालोचनात्मक सोच, संवेदनशीलता और ईमानदारी के साथ नेतृत्व करने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने तरुमित्र प्रोजेक्ट की प्रगति की भी जानकारी दी और पर्यावरण संरक्षण में विद्यार्थियों की भूमिका पर प्रकाश डाला.
शैक्षणिक योजनाएं और नई पहल
वरिष्ठ अनुभाग की उप-प्रधानाचार्य श्रीमती जयंती शेषाद्रि ने आगामी सत्र की शैक्षणिक रूपरेखा और अपेक्षाओं की जानकारी दी. उन्होंने करिकुलम ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट के बारे में बताया, जिसका उद्देश्य दक्षता आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना है.
इसके साथ ही संशोधित मूल्यांकन प्रणाली की जानकारी दी गई, जिसमें केवल परीक्षा ही नहीं बल्कि विद्यार्थियों के सॉफ्ट स्किल्स और आत्मविश्वास के विकास पर भी ध्यान दिया जाएगा. एक्टिव CISCE प्रोग्राम जैसे नए पहल, जिसमें स्वास्थ्य और फिटनेस आकलन शामिल है, को भी प्रस्तुत किया गया. विद्यालय के प्रोजेक्ट शाइन के लिए चयन को भी साझा किया गया, जो डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली के माध्यम से शिक्षण प्रक्रिया में सुधार लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
विद्यार्थियों के कल्याण पर जोर
विद्यालय की काउंसलर ने विद्यार्थियों के मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर प्रकाश डालते हुए स्क्रीन टाइम के प्रबंधन और बढ़ते शैक्षणिक दबाव से निपटने के उपाय बताए. अभिभावकों को अपने बच्चों के प्रति भावनात्मक रूप से उपलब्ध रहने और उनके समग्र विकास में सहयोग करने की सलाह दी गई.
संवाद से मजबूत हुआ संबंध
कार्यक्रम के दौरान एक इंटरैक्टिव सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें अभिभावकों ने अपने सुझाव और प्रश्न रखे. इस संवाद ने विद्यालय और अभिभावकों के बीच संबंध को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
आभार के साथ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम का समापन वरिष्ठ अनुभाग की समन्वयक श्रीमती विक्टोरिया प्रसाद द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ. अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ.
यह ओरिएंटेशन कार्यक्रम विद्यालय और अभिभावकों के बीच साझेदारी को मजबूत करते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में सामने आया, जिससे नए सत्र के लिए उत्साह और विश्वास का माहौल बना.

