
उदित वाणी, जमशेदपुर: कृषि विधेयक 2023 के विरोध में पूरे झारखंड में 15 फरवरी से खाद्यान्न, पशुधन एवं अन्य खाद्यान्न सामाग्री की आवाजाही अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी जाएगी. बुधवार को रांची में राज्य स्तरीय व्यापारियों की हुई बैठक में यह फैसला हुआ.
बैठक में सर्वसमाति से निर्णय लिया गया कि झारखंड सरकार ने जन विरोधी, किसान विरोधी, व्यापारी विरोधी एवं राजस्व विरोधी भ्रष्टाचार को बढ़ाने वाला कानून को लागू किया है. इसे महंगाई को बढ़ाने और इंस्पेक्टर राज कायम करने वाला कानून बताया गया. व्यापारियों ने इस बिल का पूरजोर विरोध किया.
उन्होंने कहा कि विरोध के तौर पर वे कृषि मंत्री बादल पत्रलेख का पुतला दहन करेंगे और उनकी शव यात्रा निकालेंगे. 15 फरवरी से पूरे राज्य में खाद्यान्न एवं अन्य संबंधित सभी वस्तुओं की आवाजाही अनिश्चित काल के लिए बंद रहेगी.
व्यावसायियों का कहना था कि झारखंड सरकार हमारी बातों एवं मांग की अनदेखी कर रही है. अब झारखंड सरकार को यह सोचना होगा कि वह अब झारखण्ड की 3 करोड़ जनता को कहां से खिलाएगी? उन्होंने बताया कि व्यापारी अपने श्रम और अपनी मेहनत से व्यापार करते हैं.
झारखंड की जनता को रोजगार देते हैं और टैक्स संग्रह करके झारखंड सरकार को और केंद्र सरकार को टैक्स देते हैं. बावजूद उनकी मांग को सरकार नहीं मान रही.
कोल्हान के 110 व्यापारी शामिल हुए
इस बैठक में कोल्हान से 110 से अधिक व्यापारी शामिल हुए. सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, जमशेदपुर व्यापार मंडल परसुडीह, चाकुलिया राइस मिल्स, जमशेदपुर फ्लोर मिल एसोसिएशन के साथ चक्रधरपुर, घाटशिला, मुसाबनी, सरायकेला के प्रमुख फ्लोर मिल्स ऑनर्स, चावल मिल ऑनर्स और खाद्यान व्यवसायी शामिल हुए.
आज के कार्यक्रम में झारखंड के 24 जिलों के व्यापारी प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि इसको हम पूर्ण रुप से अमल करेंगे और झारखंड सरकार का विरोध करेंगे. साथ ही कृषि मंत्री का पुतला दहन करेंगे उनकी शव यात्रा निकालेंगे.
राज्यस्तरीय बैठक में ये शामिल हुए
सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष विजय आनंद मूनका, महासचिव मानव केडिया, उपाध्याक्ष (ट्रेड) नितेश धूत, सचिव (ट्रेड) अनिल मोदी, सत्यनारायण अग्रवाल मुन्ना, परसुडीह बाजार समिति के अध्यक्ष दीपक भालोटिया, पवन नरेडी, करण ओझा, विजय अग्रवाल, संजीव कुमार, संतोष अग्रवाल, मनीष अग्रवाल, शंकरलाल, चंद्र प्रकाश शुक्ला, विनोद मित्तल, भीमसेन शर्मा, रामचंद्र जी, सरवजीत गुप्ता, बंटी अग्रवाल, मनोज गोयल, संजय अग्रवाल, मनोज आगीवाल, मनोज बागड़ी, किशनलाल जी, गणेश बोरा, अजय अग्रवाल.
क्यों हो रहा विरोध
चैंबर के अध्यक्ष विजय आनंद मूनका ने बताया कि झारखण्ड सरकार द्वारा कृषि उत्पादन बाजार समिति में 2 प्रतिशत बाजार शुल्क लगाने का प्रस्ताव विधानसभा में पारित किया गया था. इस प्रस्ताव पर महामहिम राज्यपाल ने अपनी सहमति देते हुए हस्ताक्षर कर इस प्रस्ताव को सरकार को भेज दिया है. इससे प्रदेश में झारखण्ड राज्य कृषि उपज एवं पशुधन विपणन-2022 विधेयक पारित हो गया.
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा लिया गया एक अव्यावहारिक फैसला है क्योंकि इसके लगने से व्यापारियों के साथ-साथ आम जनता पर इसकी मार पड़ेगी और खाद्यान की कीमत बढ़ जाएगी.
इस कानून का फायदा पड़ोसी राज्यों को मिलेगा और वे कम कीमत में अपने माल झारखंड में भेजकर पैसा कमाएंगे, जिसका खामियाजा यहां के व्यापारियों को भुगतना पड़ेगा, क्योंकि ओडिशा, बिहार, बंगाल में इस तरह का कानून नहीं है.

