
उदित वाणी, जमशेदपुर: भारत के प्रमुख स्वास्थ्य सेवा प्रदाता मणिपाल हॉस्पिटल्स ग्रुप की इकाई, मणिपाल हॉस्पिटल ईएम बाइपास ने आज जमशेदपुर में ‘अन्वेषणा – मेडिकल एजुकेशन फॉर मीडिया’ पहल की शुरुआत की. इस विशेष कार्यक्रम के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों के लिए एक विशाल प्रिविलेज कार्ड का भी अनावरण किया गया, जिसका उद्देश्य पत्रकारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और रियायतें प्रदान करना है.
कैंसर के बढ़ते मामलों पर चिंता: देरी से निदान बड़ी चुनौती
कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र में बढ़ते कैंसर के मामलों पर महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए गए. राष्ट्रीय अनुमानों के अनुसार, भारत में हर साल 14 लाख से अधिक नए कैंसर मामले सामने आते हैं.
• झारखंड की स्थिति: झारखंड में हर साल हजारों नए मामले दर्ज होते हैं, जिनमें मुंह, फेफड़े, सर्वाइकल, स्तन और जेनिटोयूरिनरी कैंसर प्रमुख हैं.
• बाहर पलायन: जागरूकता और सुविधाओं की कमी के कारण क्षेत्र के लगभग 30–40% मरीज इलाज के लिए दूसरे महानगरों का रुख करते हैं.
• निदान में देरी: भारत में 60% से अधिक मामलों का पता ‘एडवांस्ड स्टेज’ में चलता है, जिससे इलाज जटिल हो जाता है.
‘अन्वेषणा’: चिकित्सा जानकारी और मीडिया का समन्वय
‘अन्वेषणा’ मणिपाल हॉस्पिटल्स की एक अनूठी पहल है. इसका मुख्य उद्देश्य जटिल चिकित्सा जानकारियों को सरल बनाना और जिम्मेदार स्वास्थ्य संचार को बढ़ावा देना है.
• मीडिया प्रिविलेज कार्ड: पत्रकारों को स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच और विशेष लाभ देने के लिए इस कार्ड को डिजाइन किया गया है. यह कार्ड मीडिया कर्मियों के
स्वास्थ्य के प्रति अस्पताल की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
रोबोटिक सर्जरी से कैंसर उपचार में क्रांति: डॉ. अभय कुमार
मणिपाल हॉस्पिटल ईएम बाइपास के कंसल्टेंट एवं विभागाध्यक्ष (यूरो-ऑन्कोलॉजी एवं रोबोटिक सर्जरी) डॉ. अभय कुमार ने तकनीक के महत्व पर प्रकाश डाला.
• सटीक उपचार: डॉ. कुमार ने कहा कि रोबोटिक सर्जरी से जटिल ऑपरेशनों में अधिक सटीकता, कम दर्द और तेज रिकवरी संभव है.
• अनुभवी टीम: अस्पताल में 20 से अधिक अनुभवी ऑन्कोलॉजिस्ट्स की टीम कार्यरत है, जो मरीज-केंद्रित और व्यक्तिगत उपचार (Personalized Treatment) सुनिश्चित करती है.
मरीजों ने साझा किए अपने अनुभव
सत्र के दौरान उन मरीजों ने भी अपनी आपबीती साझा की, जिन्होंने डॉ. अभय कुमार के सफल मार्गदर्शन में कैंसर को मात दी है. उन्होंने बताया कि कैसे समय पर निदान और रोबोटिक सर्जरी जैसी उन्नत तकनीक ने उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार किया.

