
उदित वाणी, जमशेदपुर : झारखंड नगर निकाय चुनाव 2026 की बिसात पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी चालें चल दी हैं. मानगो नगर निगम और जुगसलाई नगर परिषद में ‘चेहरे’ के चुनाव को लेकर चल रहे कयासों पर विराम लगाते हुए पार्टी ने अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है. सूत्रों के अनुसार, भाजपा ने मानगो नगर निगम के मेयर पद के लिए वरिष्ठ नेता नीरज सिंह की पत्नी संध्या सिंह और जुगसलाई नगर परिषद के अध्यक्ष पद के लिए गुड्डू सिंह की पत्नी रिंकू सिंह को अपना मौन समर्थन देने का फैसला किया है. बताते चलें कि नीरज सिंह और गुड्डू सिंह शहर के प्रमुख कारोबारी की सूची में हम स्थान रखते हैं.
सार्वजनिक घोषणा नहीं, पर ‘मैसेज’ साफ
चूंकि राज्य में नगर निकाय चुनाव दलीय आधार पर (बिना पार्टी सिंबल के) हो रहे हैं, इसलिए भाजपा आधिकारिक रूप से किसी प्रत्याशी की घोषणा नहीं करेगी. हालांकि, पार्टी ने संगठन के भीतर यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि कार्यकर्ताओं को किसके पक्ष में लामबंद होना है. चुनावी मैदान में ये दोनों प्रत्याशी खुद को “भाजपा समर्थित” उम्मीदवार के रूप में ही पेश करेंगे.
शक्ति प्रदर्शन में साथ दिखेंगे ‘भगवा’ दिग्गज
पार्टी की रणनीति का असर नामांकन के दिन भी देखने को मिलेगा. बताया जा रहा है कि दोनों प्रत्याशियों के नामांकन के अवसर पर भाजपा के कद्दावर नेता और कार्यकर्ता “व्यक्तिगत हैसियत” से मौजूद रहेंगे. यह उपस्थिति मतदाताओं और विरोधी खेमे को यह सियासी संदेश देने के लिए पर्याप्त होगी कि पार्टी का पूरा तंत्र इन चेहरों के पीछे खड़ा है.
आमने-सामने की जंग: इंडिया गठबंधन बनाम भाजपा समर्थित
इस बार का मुकाबला बेहद दिलचस्प होने वाला है क्योंकि दोनों ही हॉट सीटों पर भाजपा समर्थित उम्मीदवारों का सीधा मुकाबला ‘इंडिया गठबंधन’ के घटक दलों से होगा:
मानगो का रण: यहाँ मुकाबला कांटे का है. भाजपा समर्थित प्रत्याशी का मुकाबला कांग्रेस की सुधा गुप्ता (विधायक बन्ना गुप्ता की पत्नी) से होने के पूरे संकेत हैं. कांग्रेस की जिला कमेटी ने सुधा गुप्ता के पक्ष में माहौल बनाना शुरू कर दिया है.
जुगसलाई की जंग: जुगसलाई में झामुमो का पूरा फोकस बना हुआ है. माना जा रहा है कि यहाँ झामुमो किसी प्रभावशाली चेहरे को समर्थन देगी, जिससे कांग्रेस भी हाथ मिला सकती है. कांग्रेस ने अभी तक यहाँ स्थिति स्पष्ट नहीं की है, लेकिन सूत्रों की मानें तो गठबंधन धर्म के तहत वे झामुमो प्रत्याशी (संभावित हिदायतुल्ला खान की पत्नी) का समर्थन कर सकते हैं.
मंथन के बाद ‘एकजुटता’ का दांव
जुगसलाई में गुड्डू सिंह की पत्नी को समर्थन देने का फैसला काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि वहाँ भाजपा के भीतर सात से अधिक दावेदार कतार में थे. पार्टी ने “जिताऊ उम्मीदवार” और “स्थानीय प्रभाव” को प्राथमिकता देते हुए अन्य दावेदारों को भी एकजुट रहने का निर्देश दिया है. अब देखना यह है कि भाजपा की यह ‘साइलेंट’ घेराबंदी इंडिया गठबंधन के ‘खुले’ प्रचार के सामने कितनी सफल होती है.

