
उदित वाणी, जमशेदपुर : विदेश में डेटा एंट्री ऑपरेटर की आकर्षक नौकरी का सपना दिखाकर झारखंड के युवाओं को साइबर ठगी के दलदल में धकेलने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का बड़ा खुलासा हुआ है। इस नेटवर्क के मुख्य एजेंट दाउद अहमद को महाराष्ट्र के मुंबई से गिरफ्तार कर लिया गया है। सीआईडी के अधीन रांची साइबर अपराध थाना की टीम ने मुंबई पुलिस के सहयोग से डोंगरी इलाके में छापेमारी कर उसे दबोचा।
पटना निवासी दाउद अहमद लंबे समय से विदेशी आकाओं के साथ मिलकर भारत में युवाओं को फंसाने का काम कर रहा था। पुलिस ने उसके पास से कई मोबाइल फोन, सिम कार्ड, पासपोर्ट और अहम डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं, जिससे गिरोह के बड़े नेटवर्क का संकेत मिला है।
जांच में सामने आया है कि इस गिरोह का जमशेदपुर से गहरा कनेक्शन है। मानगो के आजादनगर निवासी एजेंट सरताज आलम ने तीन बेरोजगार युवकों को नौकरी का लालच देकर अपने जाल में फंसाया था। इन युवकों को थाईलैंड के बैंकॉक के रास्ते म्यांमार स्थित कुख्यात केके पार्क साइबर स्कैम कंपाउंड में भेजा गया, जहां उन्हें बंधक बनाकर जबरन साइबर ठगी कराई जाती थी।
पुलिस पहले ही सरताज आलम को 18 फरवरी को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब विदेश में फंसे झारखंड के 15 युवकों को मुक्त कराया गया, जिनमें तीन जमशेदपुर के थे।
पीड़ितों के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर पुलिस अब वित्तीय लेन-देन और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।

