
नई दिल्ली/रांची: केंद्र सरकार ने पंद्रहवें वित्त आयोग के तहत झारखंड सहित चार राज्यों के ग्रामीण स्थानीय निकायों को 1,142 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की है। इस पहल का उद्देश्य पंचायत स्तर पर विकास को गति देना और जमीनी स्तर पर शासन को मजबूत बनाना है।
झारखंड को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बिना शर्त अनुदान की पहली किस्त के रूप में 269.03 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। यह राशि राज्य की 23 जिला पंचायतों, सभी 264 ब्लॉक पंचायतों और 4344 ग्राम पंचायतों को लाभान्वित करेगी। इसके अलावा, वित्त वर्ष 2024-25 के रोके गए अनुदान में से 3.65 करोड़ रुपये भी अतिरिक्त रूप से 11 ब्लॉक पंचायतों और 2 ग्राम पंचायतों को दिए गए हैं।
केंद्र सरकार के अनुसार, इन अनुदानों से स्थानीय स्तर पर जरूरत आधारित विकास कार्यों को बढ़ावा मिलेगा। पंचायतें इस राशि का उपयोग संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची में शामिल 29 विषयों के अंतर्गत विकास कार्यों के लिए कर सकेंगी, हालांकि वेतन और स्थापना खर्च इसमें शामिल नहीं होंगे।
अन्य राज्यों की बात करें तो मध्य प्रदेश को 631.91 करोड़ रुपये, पंजाब को 222 करोड़ रुपये और मिजोरम को 14.80 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस फंड का उपयोग स्वच्छता, ओडीएफ स्थिति बनाए रखने, अपशिष्ट प्रबंधन, पेयजल आपूर्ति, वर्षा जल संचयन और जल पुनर्चक्रण जैसी बुनियादी सुविधाओं के विकास में किया जाएगा।
यह राशि पंचायती राज मंत्रालय और जल शक्ति मंत्रालय की सिफारिश पर वित्त मंत्रालय द्वारा जारी की जाती है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने और स्थानीय प्रशासन को सशक्त बनाने में मदद मिलेगी।

