
उदित वाणी, जमशेदपुर : सीआईआई झारखंड ने 5 जून 2026 को जमशेदपुर में “न्यू इनकम टैक्स एक्ट 2025 एंड बियॉन्ड” विषय पर एक महत्वपूर्ण सत्र का आयोजन किया. केपीएमजी इंडिया को नॉलेज पार्टनर बनाकर आयोजित इस सत्र में उद्योग नेताओं, कर विशेषज्ञों, वित्तीय विशेषज्ञों और व्यवसायिक अधिकारियों ने भाग लिया. सत्र का उद्देश्य नए आयकर कानून 2025 के निहितार्थों पर चर्चा करना तथा निवेश प्रोत्साहन, आईपीओ तैयारी, व्यवसाय पुनर्गठन और घरेलू व वैश्विक विस्तार की रणनीतियों पर विचार-विमर्श करना था.
सरल हो अधिनियम
सीआईआई झारखंड स्टेट काउंसिल के पूर्व चेयरमैन और मेटलवर्क इंडस्ट्रीज लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर संजय सब्बरवाल ने कहा कि भारत 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है. ऐसे में पारदर्शी, पूर्वानुमान योग्य और प्रौद्योगिकी-आधारित कर व्यवस्था विकास को गति देने, निवेश आकर्षित करने और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए अत्यंत जरूरी है. उन्होंने नए आयकर अधिनियम 2025 के अनुपालन को सरल बनाने और व्यवसाय-अनुकूल वातावरण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया.
मुकदमेबाजी कम होगी
सीआईआई झारखंड फाइनेंस एंड टैक्सेशन पैनल के कन्वीनर और टाटा स्टील लिमिटेड के चीफ लीगल काउंसिल (इंडायरेक्ट टैक्सेशन) विकास मित्तल ने कहा कि प्रस्तावित कर सुधार जटिलता से निश्चितता की ओर एक बड़ा बदलाव है. यह अनुपालन को सरल बनाएगा, मुकदमेबाजी को कम करेगा और भारत को डिजिटल एवं वैश्विक अर्थव्यवस्था की जरूरतों के अनुरूप तैयार करेगा. उन्होंने झारखंड जैसे औद्योगिक राज्यों के लिए बेहतर परिचालन दक्षता और दीर्घकालिक प्रतिस्पर्धात्मकता पर जोर दिया.
बीबीएसआर एंड एसोसिएट्स एलएलपी के पार्टनर अरुण छाबड़ा ने कहा कि आज के बदलते कारोबारी माहौल में कराधान, कॉर्पोरेट संरचना, फंड जुटाने की तैयारी और विस्तार रणनीतियां आपस में जुड़ी हुई हैं. नए आयकर अधिनियम 2025 ने इस परिदृश्य को नया आयाम दिया है. सीआईआई झारखंड फाइनेंस एंड टैक्सेशन पैनल के को-कन्वीनर और भूमाटेय होम्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर अरुण गौड़ ने नई कर व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और व्यवसाय-अनुकूल बताते हुए कहा कि कर रणनीति को व्यापक व्यावसायिक उद्देश्यों के साथ जोड़ना जरूरी है.
विशेष चर्चा के विषय:
– राज्य एवं केंद्र सरकार के प्रोत्साहन
– आईपीओ ट्रिगर्स एवं अवसर
– प्री-आईपीओ रणनीतिक पुनर्गठन
– समूह के माध्यम से वैश्विक एवं स्थानीय विस्तार
– न्यू इनकम टैक्स एक्ट 2025 का प्रभाव
इन्होंने भी संबोधित किया
अन्य प्रमुख वक्ताओं में पंकज सिन्हा (इंडायरेक्ट टैक्स), पुलकित बंसल एवं सिद्धार्थ तलवार (केएफओ एडवाइजरी, केपीएमजी), अरिजीत चक्रवर्ती, डॉ. पल्लवी पॉल और अविशेख केजरीवाल (बीबीएसआर एंड एसोसिएट्स) शामिल रहे. उन्होंने प्रोत्साहनों, आईपीओ तैयारी, फैमिली ट्रस्ट, रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शंस और नए कर कानून के प्रमुख प्रावधानों पर विस्तार से प्रकाश डाला. सत्र में यह बात उभरकर आई कि कर रणनीति को व्यावसायिक उद्देश्यों के साथ एकीकृत करना आज की जरूरत है. प्रतिभागियों को संगठनात्मक तैयारियों, शासन व्यवस्था मजबूत करने और उभरते अवसरों का लाभ उठाने के लिए उपयोगी अंतर्दृष्टि प्राप्त हुई. यह आयोजन झारखंड के उद्योग जगत को नए कर माहौल, पूंजी बाजार अवसरों और वैश्विक विस्तार की दिशा में तैयार करने की दिशा में एक सार्थक प्रयास साबित हुआ.

