
उदित वाणी,जमशेदपुर : स्टील सिटी में आज 1 अप्रैल को उत्कल दिवस के अवसर पर ओड़िया समुदाय द्वारा विभिन्न स्थानों पर भव्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। शहर के माहौल में ओडिशा की सांस्कृतिक सुगंध और भगवान जगन्नाथ के प्रति आस्था की झलक साफ महसूस की जा रही है।
पूर्वी सिंहभूम जिले में करीब 5 लाख और जमशेदपुर शहर में लगभग 1.5 लाख ओड़िया भाषी लोगों के लिए यह दिन केवल उत्सव नहीं, बल्कि अपनी जड़ों और परंपराओं से जुड़ने का विशेष अवसर है।
कदमा में समाजसेवियों का होगा सम्मान
कदमा स्थित उत्कल बंधु समिति परिसर में आज उत्कल दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। कार्यक्रम में नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय के उपकुलपति डॉ. प्रभात पाणि मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस मौके पर समाज में उल्लेखनीय योगदान देने वाले दो व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा।
इसके अलावा बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे, जिनमें ओड़िया संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। समिति के सुकांतो दास के अनुसार, इस आयोजन का उद्देश्य सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना और सांस्कृतिक विरासत को सहेजना है।
शहर के विभिन्न इलाकों में भी कार्यक्रम
उत्कल दिवस के अवसर पर शहर के अन्य प्रमुख स्थानों पर भी शाम को भव्य आयोजन होंगे।
* साकची स्थित उत्कल एसोसिएशन में शाम 7 बजे से सांस्कृतिक एवं सम्मान समारोह आयोजित होगा।
* गोलमुरी के उत्कल समाज में शाम 7:30 बजे से संगीत और कला का संगम देखने को मिलेगा।
* शास्त्रीनगर के उत्कल बंधव समिति में शाम 7 बजे से विशेष सांस्कृतिक संध्या आयोजित की जाएगी।
इन आयोजनों के माध्यम से ओड़िया समाज अपनी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। शहर में आज उत्सव, परंपरा और एकता का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।

